मुहाना थाने में पुलिस की कथित मारपीट के बाद ऋतुराज की मौत के मामले की जांच राज्य मानवाधिकार आयोग ने खुद भी करना तय किया है। आयोग अध्यक्ष जस्टिस जीआर मूलचंदानी ने आयोग के आईजी हिंगलाजदान व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संध्या यादव को कहा है कि वे स्वयं के स्तर पर घटना की जांच करें और तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करें। दोनों अफसर घटना के गवाहों, चिकित्सकों से साक्ष्य लेकर मेडिकल रिपोर्ट की कॉपी प्राप्त कर उसकी जांच करें। साथ ही घटना के दिन से एक सप्ताह पहले तक की सीसीटीवी फुटेज भी एकत्र करें। आयोग ने कहा कि भास्कर में प्रकाशित खबर के अनुसार अवैध कस्टडी में युवक को टॉर्चर किया, जिससे दिमाग में लगी चोट से उसकी मौत हुई। पुलिस ने झूठ छिपाने के लिए उसे अस्पताल ले जाकर एंटीवीनम के 10 इंजेक्शन लगवाकर 96 हजार का बिल भी भरा। यह भी बताया कि सांप डसने की कहानी रची गई, लेकिन जांच में एक भी निशान नहीं मिला। मामले में 15 दिन से अस्पताल में भर्ती ऋतुराज की मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने होटल और थाने में पीटा। पुलिस का दावा है कि होटल में उसके साथ मारपीट हुई थी, जिसके फुटेज पुलिस के पास है।