पुरोहित जी का कटला में लगी आग ने परकोटे के बाजारों के फायर सेफ्टी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भास्कर ने करीब 10 बाजारों और बिल्डिंगों की पड़ताल की तो आग से बचने के चौंकाने वाली तस्वीर सामने आईं। अगर आगजनी हुई तो कहीं छह मंजिल चढ़कर स्विच चालू करना होगा तो कहीं अतिक्रमण से जूझना पड़ेगा। रायसर; 3 रास्ते, 2 पर कब्जे मोबाइल एसेसरीज का बड़ा मार्केट है। 7500 लोगों का आना-जाना है। फायर फाइटिंग सिस्टम छठी मंजिल पर है। ऊपर जाने के 3 रास्ते हैं। पांचवीं मंजिल तक सभी रास्तों पर सामान भरा हुआ है। केवल एक रास्ता है, जो खुला है। अगर 5वीं मंजिल पर आग लगी तो छठी मंजिल पर पहुंचना नामुमकिन है। मोरीजा टावर; हाइड्रेंट पर जंग फोटोग्राफी व फ्रेम का बाजार है। {5000 लोगों का आना-जाना। बेसमेंट में लगा फायर सिस्टम जंग खा रहा है। चारों ओर सामान भरा है। हर फ्लोर के नोजल बॉक्स पर भी कब्जे हैं। चार माह से अतिक्रमण हटाने का नोटिस लगा है, लेकिन जस के तस है। साबरमती अपार्टमेंट; सोसायटी एनओसी मांग रही, निगम नोटिस दे रहा प्रतापनगर सेक्टर-17 में हाउसिंग बोर्ड के साबरमती अपार्टमेंट में फायर सिस्टम लगे हैं, लेकिन निगम एनओसी नहीं दे रहा। सोसायटी 10 साल से आवेदन कर रही है और फायर शाखा बार-बार नोटिस दे रहा है। इनके अलावा- जवाहर नगर शॉपिंग सेंटर, सत्कार शॉपिंग सेंटर, नवजीवन प्लाजा, खजानों का रास्ता, जौहरी बाजार, बापू बाजार पर लगभग ऐसे ही हालात मिले।