गोगामेड़ी मेले में इस बार श्रद्धालुओं को एक नया और अनोखा अनुभव देखने को मिला। मेले की पारंपरिक धार्मिक पहचान के साथ-साथ देवस्थान विभाग ने एक नई पहल करते हुए आसमान में 200 मीटर ऊंची पतंगें उड़ाईं। इन पतंगों को उड़ाने के लिए देवस्थान विभाग ने गुजरात से 6 सदस्यों की एक विशेष टीम को बुलाया। इस टीम ने मेले के दौरान ड्रैगन, टेडी बियर और बच्चों के पसंदीदा कार्टून पात्रों के आकार की विभिन्न पतंगों को लगभग 200 मीटर की ऊंचाई तक उड़ाया। इस पूरे आयोजन पर करीब डेढ़ लाख रुपए का खर्च आया। ​सामान्य पतंगों से कई गुना बड़े आकार की इन पतंगों ने मेले में पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। देवस्थान विभाग का मानना है कि इस प्रकार के नवाचारों से मेले में आने वाले लोगों की रुचि बढ़ेगी तथा गोगामेड़ी मेले को राष्ट्रीय स्तर पर एक व्यापक पहचान दिलाने में मदद मिलेगी। भास्कर संवाददाता| हनुमानगढ़ उत्तर भारत के प्रसिद्ध गोगामेड़ी मेले में भादवा की अष्टमी का मेला आस्था के साथ भरा। मेले में एक दिन में करीब डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने गोगाजी के दरबार में धोक लगाकर सुख-समृद्धि की कामना की। देवस्थान विभाग की ओर से मेले को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने और स्थानीय लोगों व श्रद्धालुओं में मेले के प्रति अधिक रूझान पैदा करने के उद्देश्य से इस बार 200 मीटर ऊंची पतंगें आसमान में उड़ाई। मंदिर परिसर के ऊपर उड़ती पतंगे बेहद आकर्षक लग रही थी। पतंग उड़ाने के लिए देवस्थान विभाग ने गुजरात से विशेष टीमों को बुलाया था। विभाग का उद्देश्य मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को नया अनुभव देना और गोगामेड़ी मेले की पहचान को व्यापक स्तर तक पहुंचाना रहा। विशाल पतंगों के साथ मेले में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहे। जैसलमेर, फलौदी, पंजाब और स्थानीय कलाकारों की टीमों ने अपनी प्रस्तुतियों से ऐसा समां बांधा कि श्रद्धालु और स्थानीय लोग मंत्रमुग्ध नजर आए। धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और नए आकर्षणों के संगम ने इस बार गोगामेड़ी मेले को खास बना दिया। सहायक आयुक्त बोले:- भविष्य में इसी तरह के और नवाचार किए जाएंगे ^गोगामेड़ी का मेला आस्था का बड़ा केंद्र है। हमारा प्रयास है कि मेले की धार्मिक पहचान के साथ यहां आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को कुछ नया भी देखने को मिले। इसी उद्देश्य से इस बार 200 मीटर ऊंची पतंगें उड़ाने का नवाचार किया गया। इसके लिए गुजरात से विशेष टीमों को बुलाया गया था। आने वाले समय में मेले में इसी तरह के और नवाचार किए जाएंगे। गौरव सोनी, सहायक आयुक्त, देवस्थान विभाग, हनुमानगढ़