भास्कर न्यूज | भरतपुर सेवर जेल में बंद एक कैदी के खाने को लेकर ऐसी स्थिति बनी कि मामला अस्पताल तक पहुंच गया। हत्या के मामले में बंद रामगोपाल 9 दिन से खाना नहीं खा रहा है। पहले उसने पेट में दिक्कत बताते हुए बादाम और बादाम शेक की मांग की। जेल प्रशासन ने नियमों का हवाला देते हुए बादाम देने से मना किया तो अब वह हनुमानगढ़ या आसपास की जेल में शिफ्ट करने की मांग कर रहा है। तबीयत बिगड़ने पर 24 सितंबर को उसे आरबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तीन दिन इलाज के बाद स्वास्थ्य में सुधार होने पर वापस जेल भेज दिया गया। अब जेल प्रशासन चिकित्सकों की सलाह पर उसे दूध और सेब दे रहा है। जेल अधीक्षक ने बताया कि कैदी रामगोपाल करीब एक महीने पहले ही सेवर जेल में श्रीगंगा नगर जेल से शिफ्ट किया गया है। यह अपने यहां के विक्की मीर गैंग से जुड़ा हुआ है। इसने अपने विरोधी जॉर्डन गैंग के सरगना को मारा था। उन्होंने बताया कि यह जेल प्रशासन पर बाहर से नशे की दवाईयां और अन्य आपत्तिजनक सामान मंगवाने का भी दबाव बनाता है। ऐसे कैदियों पर अलग से निगरानी रखे हुए है। . बादाम नहीं मिले तो खाना छोड़ने की बात... जेल अधीक्षक परमजीत सिंह सिंधु के अनुसार रामगोपाल करीब एक महीने पहले श्रीगंगानगर जेल से सेवर जेल में शिफ्ट होकर आया था। यहां आने के बाद से वह खाने को लेकर शिकायत कर रहा था। उसने पेट में परेशानी बताते हुए बादाम और बादाम शेक की मांग की थी। जेल नियमों के अनुसार बादाम उपलब्ध नहीं कराए जाने पर उसने खाना नहीं खाने की स्थिति बना ली और अब जेल बदलने की मांग कर रहा है। अधीक्षक का कहना है कि इसे सीधे तौर पर भूख हड़ताल नहीं कहा जा सकता। कैदी रामगोपाल ने आरोप लगाया कि विरोधी उसके खाने में कांच मिला रहे हैं जिससे उसकी तबियत बिगड़ी।