जयपुर-अजमेर हाईवे पर वाहन जहां सरपट दौड़ रहे हैं, वहीं इससे सटी सर्विस लेन पर लोकल ट्रैफिक हिचकोले खाते हुए रेंगने को मजबूर है। भांकरोटा से हीरापुरा पावर हाउस तक करीब 2.5 किमी में 8 मीटर चौड़ी सर्विस लेन का लगभग 4 मीटर हिस्सा पूरी तरह उखड़ा पड़ा है। वजह यह है कि जेडीए ने ड्रेनेज लाइन डालने के लिए सड़क खोदी, लेकिन काम पूरा होने के करीब दो महीने बाद भी डामरीकरण नहीं कराया। इस हिस्से में जगह-जगह करीब आधा फीट गहरे गड्ढे हो गए हैं। दुपहिया वाहन चालकों के लिए यह ज्यादा जोखिम भरा है। सड़क का आधा हिस्सा खराब होने से वाहन एक ही हिस्से में सिमट जाते हैं और पीक आवर्स में जाम की स्थिति बनती है। भांकरोटा, कमला नेहरू नगर, गोपालपुरा बाईपास और 200 फीट बाईपास की ओर आने-जाने वाले स्थानीय ट्रैफिक को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। इस सर्विस लेन से रोज बड़ी संख्या में चौपहिया और दुपहिया वाहन गुजरते हैं। 16 करोड़ की ड्रेनेज लाइन, सड़क ग्रेवल डालकर छोड़ दी अजमेर रोड पर जलभराव की समस्या दूर करने के लिए जेडीए ने करीब ₹16 करोड़ की लागत से ड्रेनेज लाइन बिछाई थी। जून-जुलाई में हीरापुरा पावर हाउस से भांकरोटा तक करीब 2.5 किमी लंबाई में सर्विस लेन खोदकर यह काम पूरा किया गया। इसके बाद सड़क को दोबारा बनाने के बजाय जेडीए ने खोदे गए हिस्से में ग्रेवल डालकर छोड़ दिया। मानसून के दौरान डामरीकरण नहीं होने और लगातार ट्रैफिक के दबाव से अब ग्रेवल भी उखड़ चुकी है। नतीजा यह है कि सड़क पर गहरे गड्ढे बन गए हैं और सर्विस लेन का आधा हिस्सा वाहन चलाने लायक नहीं बचा है। अब दावा- 10 दिन में करेंगे डामरीकरण जेडीए जोन के एक्सईएन नागरमल का कहना है कि ड्रेनेज का काम पूरा होने के बाद मानसून शुरू हो गया था, इसलिए डामरीकरण नहीं कराया जा सका। अब सड़क की सफाई का काम शुरू कर दिया गया है। अगले 10 दिन में डामरीकरण करा दिया जाएगा।