उदयपुर में भाजपा देहात के जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह आसोलिया ने अपनी पार्टी के नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के नामांकन के बाद नरेंद्र सिंह आसोलिया ने कहा कि कुछ बड़े और जिम्मेदार नेताओं ने अपने पद का दुरुपयोग और सीधे तौर पर धोखेबाजी की। उन्होंने संभाग प्रभारी नाहर सिंह जोधा और देहात जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली पर डील के आरोप लगाए हैं। आसोलिया ने कहा कि मैंने शुरुआत में चुनाव लड़ने से साफ इनकार कर दिया था, क्योंकि मावली प्रधान की सीट सामान्य महिला के लिए पूरी तरह आरक्षित थी। स्थानीय कार्यकर्ताओं और जिला अध्यक्ष की सहमति से मैंने अपनी पुत्रवधू के लिए पार्टी में आवेदन किया। वरिष्ठ नेताओं ने मुझे भरोसा दिया था कि मेरी बहू को पंचायत समिति का टिकट दिया जाएगा। इस पर मैं पूरी तरह आश्वस्त था। पार्टी ने मुझे अन्य पंचायतों का प्रभारी बनाकर सिंबल वितरण जैसी बेहद अहम जिम्मेदारी भी सौंप दी। आसोलिया ने आरोप लगाया कि भाजपा के संभाग प्रभारी नाहर सिंह जोधा ने मुझे फोन कर कहा कि जिला प्रमुख के लिए हिम्मत सिंह झाला का नाम फाइनल है। विधायक प्रत्याशी रहे कृष्णगोपाल पालीवाल के परिवार से किसी महिला को चुनाव लड़ाकर उन्हें मावली प्रधान बनाया जाएगा। इस शर्त और आपसी सहमति के बाद ही मेरी पुत्रवधू का टिकट फाइनल करने की बात तय हुई थी। इसके महज 10 मिनट बाद जिला अध्यक्ष पुष्कर तेली का फोन आया और उन्होंने पूछा कि क्या मैं नाहर सिंह जोधा से हुई बातचीत से पूरी तरह सहमत हूं। मैंने जवाब दिया कि पार्टी का जो भी निर्णय होगा, उसे सिरोधार्य करेंगे। इसके बाद पुष्कर तेली ने स्पष्ट किया कि जिला प्रमुख और प्रधान पद के नाम पहले ही तय हैं। आसोलिया ने बताया कि इसके बाद मैंने बिना किसी शिकायत के पूरी निष्ठा से पार्टी की जिम्मेदारी निभाई। टाउन हॉल स्थित पारस सिंघवी के कार्यालय में बुलाकर वल्लभनगर और भिंडर के सिंबल बांटने की जिम्मेदारी दी गई। मैंने पार्टी के प्रति वफादारी निभाते हुए भिंडर के सिंबल एडवोकेट मुकेश नागदा के हाथों भिजवाए और वल्लभनगर के सिंबल खुद जाकर तय समय पर पार्टी कार्यालय में जमा करवाए। मुझे पूरा भरोसा था कि इतने साल की सेवा के बाद पार्टी साथ न्याय करेगी। नामांकन के आखिरी दिन दोपहर करीब 3 बजे कार्यालय से एक कार्यकर्ता का फोन आया, जिसने बताया कि उनकी पुत्रवधू का सिंबल तो जमा ही नहीं हुआ। यह सुनते ही मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई। मैंने देर शाम तक पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। संभाग प्रभारी नाहर सिंह और जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली सीधे तौर पर इसके लिए जिम्मेदार थे। प्रधान और जिला प्रमुख के पदों की 'डील' हुई आसोलिया का सीधा और स्पष्ट आरोप है कि पार्टी के कुछ नेताओं ने अपने पदों का दुरुपयोग करते हुए अंदरखाने प्रधान और जिला प्रमुख के पदों की 'डील' कर ली है। आसोलिया के इन आरोपों के बाद दैनिक भास्कर ने संभाग प्रभारी जोधा और जिलाध्यक्ष तेली से बात करने की कोशिश की, मगर दोनों कॉल रिसीव नहीं किया।