टोंक के बरवास गांव के पास बनास नदी क्षेत्र में बजरी लीज धारक पर निर्धारित सीमा से बाहर जाकर निजी खातेदारी जमीन पर अवैध खनन करने का आरोप लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि लीज की आड़ में उनकी उपजाऊ जमीनों पर एलएनटी और जेसीबी मशीनें चलाकर दिन-रात बजरी निकाली जा रही है। इससे खेतों में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और जमीन खराब हो रही है। ग्रामीणों ने स्थानीय मेहंदवास थाने और खनिज विभाग के अधिकारियों को लिखित शिकायत दी है, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं होने से उनमें गुस्से है। ​खातेदार परेशान, जमीन हो रहीं है बर्बाद ग्रामीणों ने बताया कि लीज की आड़ में उनकी निजी उपजाऊ जमीनों पर एल एन टी, जेसीबी मशीनें चलाकर दिन-रात अवैध खनन किया जा रहा है, जिससे उनकी जमीनें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। स्थानीय प्रशासन की अनदेखी के चलते अब ग्रामीणों के सामने अपनी संपत्ति और आजीविका बचाने का संकट खड़ा हो गया है। ​ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अवैध खनन पर रोक नहीं लगाई गई और दोषी लीज धारक पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन और आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। खेतों में गड्ढे होने से आजीविका का संकट शिकायतकर्ता जयपुर निवासी प्रेमसिंह पुत्र ज्ञानसिंह गुर्जर ने बताया कि नदी किनारे उनकी खातेदारी जमीन है। आरोप है कि बजरी लीज धारक निर्धारित सीमा से बाहर जाकर उनके खेतों में अवैध खनन कर रहा है। इससे निजी जमीनें खराब हो रही हैं। शिकायत करने वाले जयपुर निवासी प्रेमसिंह पुत्र ज्ञानसिंह गुर्जर ने बताया कि उसकी नदी किनारे खातेदारी जमीन है, उसमें लीजधारक अवैध खनन कर रहा है। उसकी लीज की सीमा के बाहर जाकर लोगों के खेतों में बजरी खनन कर रहा है, इससे उनके खेत खराब हो रहे है। खनिज विभाग का मामला, वह कहेगा तो कार्रवाई करेंगे मेहंदवास थाना प्रभारी रामसिंह यादव ने बताया कि प्रेमसिंह ने रिपोर्ट दिया कि उसकी जमीन पर बजरी लीज धारक अवैध रूप से बजरी खनन कर रहा है, पुलिस का तो इसमें कोई रोल नहीं बनता, परिवादी से मैंने भी कह दिया कि आप इस मामले में खनिज विभाग के उच्च अधिकारियों से मिलकर नियमानुसार कार्रवाई कराए। खनिज विभाग लिखित में हमें पालना करवाने के लिए कहता है तो पालना की जाएगी।