उदयपुर में पैराडाइज लेक में डूबने से बीएन कॉलेज की 19 साल की स्टूडेंट वैभवी राजोरा की मौत हो गई। परिजनों ने थाने पर विरोध प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाया कि एनसीसी कैडेट गोविंद शर्मा छुट्टी के दिन भी वैभवी को तैराकी के लिए ले गया। वहीं परिजनों ने गोविंद शर्मा पर हादसे की सूचना नहीं देने का आरोप भी लगाया। परिजनों ने तैलिक साहू समाज के साथ मामले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर गोवर्धन विलास थाने पहुंचकर प्रदर्शन किया। मृतका की पहचान वैभवी राजोरा पिता भैरूलाल (19) के रूप में हुई हैं। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को एमबी अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। पैराडाइज लेक गोवर्धन विलास इलाके में बंद पड़ी माइंस है। जहां मृतका अपने दोस्त के साथ गई थी। छुट्टी के दिन तैराकी के लिए ले जाने पर उठाए सवाल परिजनों के अनुसार, बीएन कॉलेज की स्टूडेंट वैभवी राजोरा को छुट्टी वाले दिन एनसीसी कैडेट गोविंद शर्मा तैराकी के लिए पैराडाइज लेक लेकर गया था। परिजनों ने सवाल उठाया है कि छुट्टी के दिन वैभवी को वहां क्यों ले जाया गया। इसके साथ ही परिजनों ने आरोप लगाया कि जब यह हादसा हुआ, तब उन्हें इस बात की जानकारी तुरंत नहीं दी गई। सूचना मिलने में हुई देरी को लेकर परिवार ने संदेह जताया है और मामले में कई सवाल उठाए हैं। मृतका मूल रूप से मंडफिया, भादसोड़ा की रहने वाली है। तैलिक साहू समाज ने थाने के बाहर किया प्रदर्शन इस घटना की जानकारी सामने आने के बाद तैलिक साहू समाज के लोग और मृतका के परिजन गोवर्धन विलास थाने पहुंचे। जहां समाज के लोगों ने थाने के बाहर एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके। पुलिस कर रही मामले की जांच गोवर्धन विलास थाना पुलिस परिजनों और समाज के लोगों द्वारा उठाए गए सवालों के आधार पर मामले के हर पहलू की जांच कर रही है। जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।