उदयपुर में कॉलेज की छात्राओं को गंदे मैसेज भेजने और परेशान करने का मामला सामने आया है। कॉलेज के ही एक कर्मचारी पर छात्राओं से बदसलूकी करने के गंभीर आरोप सामने आए। इस मामले को लेकर सोमवार को एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कॉलेज कैंपस में विरोध-प्रदर्शन किया। कॉलेज डीन को ज्ञापन देने के बाद आरोपी टेम्परेरी कर्मचारी को नौकरी से हटा दिया गया। चार महीने से शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई एबीवीपी चित्तौड़ प्रांत सहमंत्री पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा- कॉलेज की छात्राओं को चार महीनों से एक कर्मचारी आपत्तिजनक मैसेज भेजकर परेशान कर रहा था। छात्राओं ने इसकी शिकायत कॉलेज प्रशासन से भी की थी, लेकिन इसके बाद भी कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया। छात्राओं से जुड़े इतने गंभीर मामले में चार महीने तक कोई कार्रवाई न होना कॉलेज प्रशासन की बड़ी लापरवाही है, ऐसे में मजबूरन उन्हें यह प्रदर्शन करना पड़ा। एबीवीपी नेताओं ने उठाए सवाल एबीवीपी के इकाई अध्यक्ष प्रवीण टांक ने कहा- जब चार महीने से शिकायत की जानकारी थी तो फिर एक्शन लेने में इतनी देरी क्यों की गई। दोषी कर्मचारी पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए थी। महानगर मंत्री कोमल वैष्णव ने कहा- कॉलेज कैंपस में छात्राओं की सुरक्षा सबसे जरूरी है। किसी भी छात्रा को डर के माहौल में नहीं रहने दिया जाएगा। कर्मचारी के कामकाज की जांच की भी मांग प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी ने मांग रखी कि आरोपी टेम्परेरी कर्मचारी को तुरंत नौकरी से निकाला जाए और कॉलेज में उसके पिछले प्रशासनिक और पैसों से जुड़े कामकाज की भी अलग से जांच कराई जाए। ज्ञापन देने के दौरान त्रिभुवन सिंह राठौड़, रुद्र प्रताप सोनी, पार्थ दीक्षित, अजय सिंह सोलंकी, करण मोजावत, करण रेगर, संजय आचार्य, विकास चौधरी, पीयूष झाला, मयंक डांगी, हर्ष राजानी और सूरज सुखवाल सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।