उदयपुर की फतहनगर थाना पुलिस ने बुजुर्ग की हत्या के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों को चित्तौड़गढ़ में रा​शमी के आस-पास जंगलों से पकड़ा गया है। दोनों लूट के इरादे से बुजुर्ग के घर में घुसे थे। वारदात करीब डेढ़ महीने पहले की है। आरोपी पूर्व में भी सुनसान मकानों में घुसकर हत्या करने और जेवरात लूटने की वारदात कर चुके हैं। रैकी कर घटनास्थल पर जाते थे पैदल एसपी डॉ. अमृता दुहन ने बताया कि आरोपी मदन नाथ कालबेलिया निवासी राशमी चित्तौड़गढ़ के खिलाफ 3 और सुरेश मोगिया के खिलाफ 12 मामले दर्ज हैं। आरोपी सुनसान जगहों पर मकानों, दुकानों और मंदिरों की पहले रैकी करते थे। इसके बाद चोरी की बाइक से जाते और घटना स्थल से 4-5 किमी दूर बाइक खड़ी कर देते थे। सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए ज्यादातर कच्चे रास्तों और खेतों से जाते थे। वारदात के दौरान अगर घर में कोई मिल जाता, तो उसे बंधक बनाकर मारपीट करते थे। वारदात के बाद जंगल और पहाड़ों में जाकर छिप जाते थे। वहीं कुछ दिन बिताते थे ताकि पुलिस की पहुंच से दूर रह सकें। 600 सीसीटीवी कैमरे खंगाले, 4000 किमी तक तलाश किया पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए करीब 600 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे खंगाले। चित्तौड़गढ़ के भूपालसागर, आकोला, कपासन, निकुम्भ, राशमी, बेगु, बस्सी, राजसमंद के रेलमगरा, नाथद्वारा, आमेट, भीलवाड़ा के गंगापुर, रायला, बिजोलिया और अजमेर, नसीराबाद सहित बैंगलुरू तक करीब 4000 किमी तक तलाश किया। पुलिस को इनके चित्तौड़गढ़ में रा​शमी के आस-पास जंगलों में होने का पता लगा, जहां से इन्हें गिरफ्तार किया। मारपीट की, इलाज के दौरान बुजुर्ग की मौत शिवलाल पुत्र देवीलाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 3 अगस्त 2026 को वह, उनके पिता सहित परिवार के अन्य लोग घर में सो रहे थे। रात करीब 12 बजे बाहर से चिल्लाने की आवाज आई। मैं और मेरी मां मांगीबाई घर से तुरंत बाहर आए और देखा तो मेरे भाई उंकारलाल के घर के अंदर दो-तीन युवक मारपीट कर रहे थे। बीच-बचाव के लिए गए तो आरोपियों ने डंडे से ताबड़तोड़ वार कर दिया। मेरी मां और भाभी के पैरों से चांदी के कडिया और नाक का लोंग खोल​ लिए। मां के गले से सोने का मा​दलिया ले गए। मेरे पिता ने बचाव की कोशिश की तो उनके सिर पर वार किया, जिससे वे घायल होकर जमीन पर गिर गए। हॉस्पिटल लेकर गए, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई।