उदयपुर में राशन कार्ड से जुड़ी जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराने पर राजस्थान राज्य सूचना आयोग ने सख्त कार्रवाई की है। आयोग ने जिला रसद अधिकारी (ग्रामीण), उदयपुर पर 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। मामला वल्लभनगर तहसील निवासी प्रकाश चन्द्र सालवी से जुड़ा है। सालवी ने अपने राशन कार्ड से संबंधित जानकारी सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगी थी। लेकिन तय समय में सूचना नहीं मिली। पहली अपील का भी समाधान नहीं हुआ। इस पर उन्होंने आयोग में दूसरी अपील दायर की, जिसमें 3 फरवरी 2026 को आयोग ने 30 दिन में सूचना देने के निर्देश दिए थे, लेकिन उसकी भी पालना नहीं हुई और करीब सात महीने बाद जाकर जवाब भेजा। जवाब में विभाग ने बताया कि परिवादी के दो राशन कार्ड बने हुए थे, जिसमें से एक को डिलीट करना था, लेकिन भीण्डर पंचायत समिति के कर्मचारियों की गलती से दोनों ही कार्ड डिलीट कर दिए। उदयपुर के जिला रसद अधिकारी मणि खींची ने विभाग ने अतिरिक्त खाद्य आयुक्त, जयपुर को एक कार्ड फिर से एक्टिव करने के लिए पत्र लिखा। आयोग ने जताई नाराजगी राज्य सूचना आयोग ने आदेश में कहा कि सात महीने की देरी से जवाब देना, नोटिस के बावजूद उपस्थित नहीं होना और बार-बार अवसर दिए जाने के बाद भी अपना पक्ष नहीं रखना, सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के प्रति गंभीर लापरवाही को दिखाता है। आयोग के अनुसार इस मामले में अधिकतम 25 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता था। हालांकि, परिवादी की संतुष्टि को देखते हुए 5 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया है। जुर्माने की राशि 21 दिन के भीतर राजस्थान राज्य सूचना आयोग, जयपुर में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।