नगर विकास प्रन्यास (UIT) उदयपुर से साल 2004 में हस्तांतरित भूखंडों में खाली और रद्द प्लॉटों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर नगर निगम से लीजडीड जारी करवाने के मामले में SOG ने एक और आरोपी को पकड़ा है। आरोपी की पहचान भंवर सिंह राव (51) निवासी गुगली ग्राम पंचायत आईडाणा, थाना आमेट, जिला राजसमंद के रूप में हुई है। मृत पिता के नाम से बनवाई थी फर्जी लीजडीड SOG ने बताया कि आरोपी भंवर सिंह राव ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर हिरणमगरी सेक्टर-11 स्थित प्लॉट संख्या 1165-V के जाली दस्तावेज तैयार करवाए। खास बात यह है कि ये दस्तावेज आरोपी ने अपने मृत पिता गुलाब सिंह राव के नाम से तैयार करवाए थे। जांच में सामने आया कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आरोपी ने उस प्लॉट की लीजडीड अपने नाम से नगर निगम उदयपुर से जारी करवा ली। इसके बाद प्लॉट बेचकर मिली रकम अपने बैंक खाते में जमा करवाई। मामले की जांच पुलिस थाना सूरजपोल में की जा रही है। जांच के दौरान SOG को आरोपी की भूमिका के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। जांच में पुष्टि होने पर एसओजी ने पकड़ा आरोपी के खिलाफ प्रथम दृष्टया अपराध प्रमाणित पाए जाने के बाद SOG ने उसकी तलाश शुरू की। डीआईजी भुवन भूषण यादव के सुपरविजन और निर्देशन में और एसपी कुंदन कंवरिया के नेतृत्व में एएसपी मुकेश कुमार सोनी, SOG यूनिट उदयपुर की टीम ने लगातार तलाश के बाद भंवर सिंह राव को गिरफ्तार कर लिया। SOG के मुताबिक इस मामले में फर्जी दस्तावेज तैयार कर भूखंडों की लीजडीड नगर निगम उदयपुर से जारी करवाकर उन्हें बेचने के आरोप में भंवर सिंह राव समेत अब तक कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले में अन्य संदिग्धों और संलिप्त आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसी का कहना है कि उदयपुर शहर में भूखंडों से जुड़े इस बड़े धोखाधड़ी मामले में आगे भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। अन्य संलिप्त आरोपियों के संबंध में जानकारी जुटाने के साथ ही फर्जी दस्तावेजों और भूखंडों के लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच जारी है।