उदयपुर नगर निगम के नए बोर्ड की पहली बड़ी बैठक 14 अक्टूबर को होगी। महापौर पारस सिंघवी की मौजूदगी में होने वाली इस बैठक में शहर के सभी 80 पार्षद शामिल होंगे। इस अहम बैठक शहर के विकास कार्यों और आगामी त्योहारों की व्यवस्थाओं पर मुख्य रूप से चर्चा की जाएगी। इसको लेकर प्रशासनिक तैयारियां शुरू कर दी गई है। सुबह 11 बजे यह निगम के हॉल में बैठक होगी। निगम के तमाम बड़े अधिकारी और कर्मचारी भी बैठक में मौजूद रहेंगे। सभी पार्षद अपने-अपने वार्ड की समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों को इस मंच पर रख सकेंगे। त्योहारों की तैयारियों पर रहेगा खास फोकस साल के बड़े त्योहार जैसे दशहरा और दीपावली नजदीक हैं, इसलिए बैठक में मेलों के आयोजन और उनकी व्यवस्थाओं पर विशेष चर्चा होगी। मेले की तैयारियों को लेकर पार्षदों से सुझाव मांगे जाएंगे ताकि शहरवासियों को किसी तरह की परेशानी न हो। स्वच्छता अभियान और जनहित से जुड़े मुद्दों को भी बैठक में प्रमुखता दी जाएगी। पार्षदों को यह बताया जाएगा कि वे अपने वार्डों में जनता को स्वच्छता के प्रति कैसे जागरूक करें और शहर को सुंदर बनाने में नागरिकों की भागीदारी कैसे तय की जाए। पेयजल संकट और वार्डों की समस्याओं पर भी होगी बात त्योहारों के अलावा शहर में पेयजल संकट और अन्य बुनियादी समस्याओं पर भी गंभीर मंथन होगा। कई वार्डों में पानी की किल्लत और विकास कार्यों की धीमी रफ्तार को लेकर पार्षद अपनी बात रख सकते हैं। नए पार्षदों को शहर के विकास का विजन समझाने के लिए भी यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बढ़ाई जा रही हैं मीटिंग हॉल की कुर्सियां नगर निगम का बोर्ड बड़ा होने के कारण मौजूदा मीटिंग हॉल छोटा पड़ रहा है। निगम में पार्षदों की संख्या 70 से बढ़कर 80 हो चुकी है। वहीं, बैठक के दौरान अधिकारी, कर्मचारी और मीडियाकर्मियों को मिलाकर लोगों की संख्या 100 से ऊपर पहुंच जाती है। इस समस्या से निपटने के लिए निगम ने मीटिंग हॉल में बैठने की क्षमता बढ़ाने का फैसला किया है। हॉल में डाइस के सामने और पीछे एक्स्ट्रा कुर्सियां लगाने के लिए टेंडर भी जारी कर दिए गए हैं। अब हॉल की क्षमता 70-75 लोगों से बढ़ाकर 110 लोगों तक की जा रही है, जिससे सभी को बैठने के लिए पर्याप्त जगह मिल सकेगी।