उदयपुर में नगर निगम के चुनाव में कई प्रमुख वार्डों में जीतना भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन गया है। बीजेपी के लिए 5 प्रमुख वार्डों में हार-जीत उनकी साख पर बन आई है। ये सभी नेता बीजेपी के बोर्ड बनने पर महापौर की रेस में हैं। पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया के दोनों दामाद के भाई आकाश वागरेचा और अतुल चंडालिया के वार्ड में कांग्रेस प्रत्याशी ने मुकाबले को रोचक बना दिया है। वरिष्ठ नेता दिनेश भट्ट, प्रमोद सामर और पारस सिंघवी के लिए बडे़ मार्जन से चुनाव जीतना साख का सवाल बन गया है। भट्ट और सामर के वार्ड में निर्दलीय प्रत्याशियों के होने से हार-जीत के समीकरण प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, कटारिया के दामाद के भाई अतुल चंडालिया के वार्ड में भी कांग्रेस प्रत्याशी के डटकर मुकाबला करने से लड़ाई दिलचस्प है। डिप्टी मेयर रहे पारस सिंघवी के वार्ड में भी कांग्रेस प्रत्याशी के टक्कर होने से वार्ड हॉट बना हुआ है। भाजपा प्रत्याशियों को कांग्रेस प्रत्याशी सफाई और स्मार्ट सिटी के नाम पर घेर रहे हैं तो निर्दलीय प्रत्याशी 365 दिन खड़े रहने का दावा कर रहे हैं। चार वार्डों का पढ़ें समीकरण