उदयपुर में आदिवासियों के गवरी नृत्य को लेकर एक युवक की आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में सोमवार को लोगों ने कलेक्ट्री पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने युवक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। लोगों का कहना था कि युवक ने अपनी पोस्ट में गवरी नृत्य को पाखंड करार देते हुए कई सवाल उठाए थे। गवरी आदिवासी समाज की ऐतिहासिक परंपरा है। जिसे उन्होंने आज तक सहेजकर रखा हुआ है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार सोशल मीडिया पर इस तरह की टिप्पणी से लोगों की भावनाएं आ​हत हुई हैं। समाज के लोगों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कर संबंधित युवक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग उठाई। ताकि आगे कोई तरह की टिप्पणी नहीं करे। वीडियो में बोला था-गवरी में औरत की तरह क्यों बनते हैं मर्द जानकारी अनुसार, करीब 3 दिन पहले एक युवक ने गवरी नृत्य करने वाले व्यक्ति से बातचीत का वीडियो खुद के सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया था। युवक ने गवरी के पात्रों पर सवाल उठाते कहा था कि गवरी नृत्य करने वाले मर्दों को पेरों में घूंघरू, कानों में कुंडल और लिपिस्टि लगाने के लिए किसने बोला। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। ये तो पाखंडवाद है। उसने गवरी में माता शिव और पार्वती के स्वरूप पर भी सवाल उठाए थे। इस वीडियो के सामने आने के बाद आदिवासी समाज में विरोध बढ़ गया और युवक के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठने लगी। हालांकि दूसरे दिन ही आरोपी युवक ने दूसरा वीडियो जारी कर माफी मांग ली।