उदयपुर शहर के पास उमरड़ा खेड़ा गांव में पांच लोगों पर हमला करने वाले लेपर्ड का सुराग नहीं मिला। वन विभाग की टीमों ने बुधवार की पूरी रात और गुरुवार पूरे दिन सर्च किया। टीम गांव में लगातार तैनात है। वहीं लेपर्ड को पकड़ने के लिए लगाए चार पिंजरे में से किसी में भी लेपर्ड पकड़ में नहीं आया। गांव में अलग-अलग जगह लगाए गए कैमरा ट्रैप में भी लेपर्ड की मौजूदगी सामने नहीं आई है। ड्रोन में नहीं दिखे लेपर्ड वन विभाग की टीमों ने गुरुवार को गांव और आसपास के इलाके में लेपर्ड की तलाश जारी रखी। ड्रोन से भी क्षेत्र में निगरानी की गई, लेकिन कहीं भी लेपर्ड दिखाई नहीं दिया। फिलहाल इलाके में लेपर्ड का कोई मूवमेंट भी नजर नहीं आया है। इसके बावजूद वन विभाग की टीमें मौके पर तैनात हैं और ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। घायलों का चल रहा इलाज इधर, लेपर्ड के हमले में घायल लोगों के इलाज एमबी अस्पताल में जारी है। हमले में घायल हितेश (20) पुत्र गंगाराम को हॉस्पिटल से डॉक्टरों ने छुट्टी दे दी है। वहीं अन्य घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। लेपर्ड के हमले में जान गंवाने वाले लोगर लाल मीणा (45) का गुरुवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। लोगर लाल पर मंगलवार शाम को लेपर्ड ने हमला किया था। गांव में लेपर्ड ने बुधवार सुबह जग्गा (60) पुत्र कालू मीणा, हितेश (20) पुत्र गंगाराम और कालू (40) पर लेपर्ड ने घात लगाकर हमला किया। दोपहर में महिला लोगरी बाई (45) पर भी लेपर्ड ने वार कर दिया था। संबंधित ये समाचार भी पढ़ें… पत्थर नहीं फेंकते तो कालू को ले जाता लेपर्ड:बहन बोली- मेरे सामने भाई को ले गया था, मौत; उदयपुर में 18 घंटे में 5 हमले, गांव कराया खाली उदयपुर में लेपर्ड ने 5 लोगों को दबोचा,एक की मौत:करीब 4 मिनट तक हमला; घायलों को पलंग पर लिटाकर पहाड़ी से नीचे उतारा