पाली बिजली प्रसारण व्यवस्था को भौगोलिक दूरी और तकनीकी आवश्यकता के हिसाब से दुरुस्त करने के लिए राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (आरवीपीएनएल) ने संभाग का प्रशासनिक नक्शा बदलना शुरू कर दिया है। इसके तहत जालोर के अधीन आने वाले उमेदपुर क्लस्टर को सिरोही के हवाले कर दिया है। बदलाव की मुख्य वजह यह है कि जावाल और पोसालिया ग्रिड सब स्टेशन (जीएसएस) जालोर से 60 से 100 किलोमीटर दूर हैं, जबकि सिरोही से इनकी दूरी महज 15 से 20 किलोमीटर है। इसके अलावा दोनों जीएसएस को फीड भी सिरोही ग्रिड से मिलती है। ऐसे में जिस ग्रिड से बिजली आपूर्ति है, उसके अधीन अब उसकी मॉनिटरिंग और प्रशासनिक जवाबदेही रहेगी। निगम ने संकेत दिए हैं कि आवश्यकतानुसार प्रसारण व्यवस्था का यह प्रशासनिक पुनर्संयोजन आगे भी जारी रहेगा। निगम के इस फैसले के पीछे दूरी सबसे अहम कारक रही है। उमेदपुर क्लस्टर के जावाल जीएसएस की सिरोही से दूरी लगभग 15-16 किमी है, जबकि जालोर से यह 60 किमी दूर पड़ता है। पोसालिया जीएसएस सिरोही से 18-20 किमी और जालोर से 100 किमी दूर है। जावाल और पोसालिया सिरोही जिले की भौगोलिक सीमा में आते हैं। ऐसे में फील्ड निरीक्षण और जिला प्रशासन से बेहतर समन्वय के लिए सिरोही अधिक व्यावहारिक केंद्र साबित होगा। उमेदपुर क्लस्टर का प्रशासनिक नियंत्रण 220 केवी जीएसएस जालोर के एक्सईएन से हटाकर 220 केवी जीएसएस सिरोही के एक्सईएन को सौंप दिया गया है। प्रबंध निदेशक की मंजूरी के बाद यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी है। इस बदलाव का सीधा असर क्लस्टर के प्रशासनिक कार्यों, फील्ड मॉनिटरिंग, शटडाउन और मेंटेनेंस के समन्वय पर पड़ेगा। अब किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी या उपकरण फेल होने की स्थिति में सिरोही स्तर से निगरानी की जाएगी। अधिकारियों के वक्तव्य ^उमेदपुर क्लस्टर को सिरोही के अधीन करने का आधार भौगोलिक दूरी और तकनीकी जुड़ाव है। जावाल और पोसालिया सिरोही के नजदीक हैं और इन्हें सिरोही ग्रिड से फीड मिलती है। इससे मॉनिटरिंग, फॉल्ट रिस्पॉन्स और मेंटेनेंस के दौरान तकनीकी समन्वय बेहतर होगा। - मनीष अथैया, जोनल मुख्य अभियंता, आरवीपीएनएल, जोधपुर ^यह बदलाव प्रबंध निदेशक की मंजूरी के बाद किया गया है। उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को भौगोलिक स्थिति और तकनीकी जरूरत के अनुरूप अधिक सुगम बनाना है। आवश्यकता के अनुसार ऐसी प्रशासनिक पुनर्व्यवस्था आगे भी जारी रहेगी। - अलका मीणा, सचिव (प्रशासन), आरवीपीएनएल सप्लाई देने वाला ग्रिड और मॉनिटरिंग सेंटर अब एक ही उमेदपुर, जावाल और पोसालिया के 132 केवी जीएसएस को 220 केवी जीएसएस सिरोही से बिजली की फीड मिलती है। अब इनसे जुड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी भी सिरोही के पास आने से सप्लाई, शटडाउन, मेंटेनेंस और फॉल्ट के दौरान तकनीकी समन्वय एक ही स्तर पर हो सकेगा। इससे फॉल्ट रिस्पॉन्स और बिजली आपूर्ति बहाली की प्रक्रिया तेज होगी। अब तक 220 केवी जीएसएस जालोर के एक्सईएन के पास बागरा और उमेदपुर दोनों क्लस्टर थे, लेकिन अब उमेदपुर सिरोही के अधीन और बागरा जालोर के पास ही रहेगा। इस आदेश में उमेदपुर, बागरा, जावाल, पोसालिया, बाकरा और रामसीन के 132 केवी जीएसएस की प्रशासनिक व्यवस्था शामिल है।