जयपुर में विद्याधर नगर थाना पुलिस ने शाकिर देशवाली हत्याकांड में फरार चल रहे दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हुए रफीक शाह उर्फ बकरी चोर और मोहम्मद हारून उर्फ भूरिया को दबोचा है। दोनों पुलिस से बचने के लिए पापड़ हनुमानजी मंदिर के पीछे जंगल में छिपे हुए थे। पुलिस टीम ने रात के समय जंगल को घेरकर सर्च ऑपरेशन चलाया। भागने के दौरान दोनों गहरी खाई में गिरकर घायल हो गए। इसके बाद उन्हें कांवटिया अस्पताल ले जाकर उपचार कराया गया और फिर गिरफ्तार किया गया। गुरुवार को पुलिस ने आरोपियों की मौका परेड करवाई। इस दौरान आरोपी लंगड़ा कर चलते नजर आए। समझौते के बहाने बुलाया, भाई को चाकू मारकर हत्या विद्याधर नगर थानाधिकारी सज्जन सिंह ने बताया कि परिवादी कय्यूम का कुछ दिन पहले रफीक उर्फ बकरी चोर के साथ पानी की टंकी, शास्त्री नगर में कहासुनी और विवाद हुआ था। मामले में समझौता कराने के लिए 24 अगस्त को कय्यूम को बुलाया गया था। इसी दौरान रफीक के साले ने गाली-गलौज कर विवाद शुरू कर दिया। कय्यूम ने अपने भाई शाकिर को मौके पर बुलाया। शाकिर के पहुंचते ही रफीक उर्फ बकरी चोर ने उस पर चाकू से हमला कर दिया। वहीं हारून ने कय्यूम को भी चाकू मारकर घायल कर दिया। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। शाकिर को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पहले ही गिरफ्तार हो चुके थे तीन आरोपी हत्याकांड में पुलिस ने CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की पहचान की। पुलिस ने 25 अगस्त को मोहम्मद फरीद उर्फ फदु चाचा, शाह रुख और दिलशाद उर्फ ढिल्लू को गिरफ्तार कर लिया था। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपियों रफीक और हारून की भी वारदात में अहम भूमिका थी। इसके बाद दोनों की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई। रात में जंगल में चलाया सर्च ऑपरेशन पुलिस टीम को आरोपियों के पापड़ हनुमानजी मंदिर के आसपास होने की सूचना मिली। पुलिस ने रात के समय मंदिर के पीछे जंगल के इलाके को घेर लिया। पुलिस को देखकर दोनों आरोपी भागने लगे। इसी दौरान वे गहरी खाई में गिर गए और घायल हो गए। पुलिस ने दोनों को कांवटिया अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। पैसों के विवाद से शुरू हुई थी रंजिश पुलिस की जांच में सामने आया कि रफीक उर्फ बकरी चोर और मृतक शाकिर के भाई कय्यूम के बीच पुराने पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। वारदात से तीन-चार दिन पहले भी दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और गाली-गलौज हुई थी। पुलिस के अनुसार, इसी रंजिश को लेकर दिलशाद उर्फ ढिल्लू ने कथित रूप से पहले से योजना बनाई। रफीक को मंदिर मोड़ पर बुलाया गया और बाद में कय्यूम को समझौते के बहाने वहां बुलाया गया। कय्यूम अपने भाई शाकिर को भी साथ ले आया। इसी दौरान आरोपियों ने हमला कर दिया। मुख्य आरोपियों पर पहले से कई मामले पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार रफीक शाह उर्फ बकरी चोर के खिलाफ जयपुर के अलग-अलग थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें मारपीट, लूट, हत्या सहित RPGO के मामले भी शामिल हैं। एक मामले में धारा 302 समेत गंभीर धाराओं में चालान भी पेश हो चुका है। पुलिस अब गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और हत्या में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका तथा वारदात में इस्तेमाल हथियार के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।