टोंक समेत प्रदेश के ग्रामीण सरकारी स्कूलों में खाली स्कूल व्याख्याता पदों पर गेस्ट फैकल्टी लगाने की प्रक्रिया शुरू होगी। विद्या संबल योजना के प्रथम चरण के तहत पात्र अभ्यर्थी 1 से 7 सितंबर तक संबंधित स्कूलों में आवेदन कर सकेंगे। चयन मेरिट के आधार पर होगा और इंटरव्यू नहीं लिया जाएगा। रिटायर्ड शिक्षकों को प्राथमिकता मिलेगी, जबकि चयनित गेस्ट फैकल्टी को 400 रुपए प्रति कालांश और अधिकतम 30 हजार रुपए मासिक मानदेय दिया जाएगा। नियुक्तियां 31 मार्च 2027 या नियमित शिक्षक के आने तक रहेंगी। मेरिट से चयन, इंटरव्यू नहीं स्वीकृत और स्पष्ट रूप से रिक्त पदों की स्कूलवार सूची नोटिस बोर्ड, सार्वजनिक स्थान और विभागीय वेबसाइट पर जारी होगी। चयन मेरिट से होगा। शैक्षणिक योग्यता के अंकों का 75% और प्रशैक्षणिक योग्यता का 25% भारांक रहेगा। किसी भी स्तर पर इंटरव्यू नहीं होगा। रिटायर्ड शिक्षकों को प्राथमिकता सेवानिवृत्त और निजी अभ्यर्थी दोनों आवेदन कर सकेंगे। रिटायर्ड शिक्षकों को प्राथमिकता मिलेगी और वे 65 वर्ष की आयु तक गेस्ट फैकल्टी के रूप में काम कर सकेंगे। समान अंक होने पर, रिटायर्ड शिक्षक का आवेदन नहीं होने की स्थिति में अधिक उम्र वाले निजी अभ्यर्थी को प्राथमिकता दी जाएगी। 400 रुपए प्रति कालांश, अधिकतम 30 हजार रुपए गेस्ट फैकल्टी को 400 रुपए प्रति कालांश मानदेय मिलेगा, जो अधिकतम 30 हजार रुपए प्रतिमाह होगा। चयनित अभ्यर्थी को नियुक्ति प्रस्ताव पर 7 दिन में सहमति देनी होगी, अन्यथा अगले वरीय अभ्यर्थी को मौका दिया जा सकता है। अंग्रेजी माध्यम की कक्षाओं में भाषा विषयों को छोड़कर अन्य विषयों के लिए संबंधित शैक्षणिक योग्यता अंग्रेजी माध्यम से होना जरूरी है। प्राध्यापक कक्षा 11वीं और 12वीं को पढ़ाएंगे। 31 मार्च 2027 तक रहेगी नियुक्ति नियुक्ति पूरी तरह अस्थायी होगी। गेस्ट फैकल्टी 31 मार्च 2027 या नियमित शिक्षक आने तक, जो पहले हो, काम कर सकेंगे। इससे नियमित सरकारी नियुक्ति या स्थायीकरण का कोई अधिकार नहीं मिलेगा। प्रदेश में 18,227, टोंक में 234 पद रिक्त प्रदेश में स्कूल व्याख्याताओं के 54,548 पद स्वीकृत हैं, जिनमें 44,321 कार्यरत और 18,227 रिक्त हैं। टोंक के 401 उच्च माध्यमिक स्कूलों में व्याख्याताओं के 1,348 पद स्वीकृत हैं। इनमें 1,114 कार्यरत और 234 पद रिक्त हैं। शहरी स्कूलों को अभी लाभ नहीं आचार संहिता के कारण इस चरण में शहरी क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति नहीं होगी। योजना का फोकस ग्रामीण स्कूलों के रिक्त पद भरने पर है। शिक्षक संघ रेसटा के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने मांग की है कि जिन स्कूलों में शिक्षक कार्यरत नहीं हैं, लेकिन दूसरे स्कूल से वेतन व्यवस्था हो रही है, उन पदों को भी विद्यार्थियों के हित में विद्या संबल योजना में शामिल किया जाए।