रायपुर तहसील की पंचायत झाला की चौकी क्षेत्र से गुजरने वाले नेशनल हाईवे-25 पर लगे स्पीड ब्रेकर हटाने की संभावित कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि स्पीड ब्रेकर हटने से तेज रफ्तार वाहनों के कारण हादसों का खतरा बढ़ जाएगा, जो स्कूली बच्चों और पैदल राहगीरों की सुरक्षा के लिए चिंताजनक है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया। मामला संज्ञान में आते ही कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत ने हस्तक्षेप किया। मंत्री की कार्रवाई के बाद झाला की चौकी क्षेत्र में लगे स्पीड ब्रेकर नहीं हटाए गए, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। कैबिनेट मंत्री का आभार जताते हुए ग्रामीणों ने मांग रखी कि भविष्य में हाईवे पर किसी भी सड़क सुरक्षा ढांचे में बदलाव से पूर्व स्थानीय परिस्थितियों, यातायात दबाव और पैदल आवाजाही का मौके पर सर्वे किया जाए, ताकि आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित रह सके। सुविधा नहीं, सुरक्षा का सवाल : ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि एनएच -25 पर दिनभर भारी यातायात रहता है। पास में विद्यालय स्थित होने के कारण बच्चों व ग्रामीणों का लगातार आना-जाना बना रहता है। गति नियंत्रण के लिए स्पीड ब्रेकर सुविधा का साधन नहीं, बल्कि सुरक्षा की जरूरत हैं। पुलिस-प्रशासन की सक्रियता से बनी सहमति : घटनाक्रम के दौरान रायपुर डीएसपी बंशीलाल पांडर, बर एसएचओ मंजू एवं पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की चिंताओं को गंभीरता से सुना और शांति व्यवस्था बनाए रखी। समय रहते मंत्री के दखल व प्रशासनिक समन्वय से संभावित विवाद टल गया।