खाटूश्याम के प्रति आस्था से भरी चतुर्थ निःशुल्क रथ यात्रा गाजे-बाजे के साथ कुशालगढ़ खाटूश्याम पहुंची। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे मार्ग में श्याम भक्तों ने भजन गाए। जयकारे लगाए। माहौल भक्तिमय रहा। यात्रा के दौरान आचार्य गोपाल शास्त्री ने पूजा-अर्चना करवाई। सीताराम गुरुजी ने विधि-विधान से अनुष्ठान कराया। श्रद्धालुओं ने भगवान खाटूश्याम जी के दर्शन किए। क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। खुशहाली की प्रार्थना की। रथ यात्रा का रास्ते में अलग-अलग स्थानों पर स्वागत हुआ। श्रद्धालुओं ने सम्मान किया। ग्रामीणों ने अभिनंदन किया। जगह-जगह पुष्पवर्षा हुई। कुशालगढ़ खाटूश्याम धाम पहुंचने पर भी भक्तों का उत्साह दिखा। आयोजकों ने बताया कि चतुर्थ निःशुल्क रथ यात्रा का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालुओं को खाटूश्याम जी के दर्शन का अवसर देना है। यात्रा के दौरान ‘श्याम बाबा की जय’ के जयकारे गूंजते रहे। शाम को बाबा का भोग लगाया गया। करौली शहर के नगाड़ खाना दरवाजा स्थित श्री नवल बिहारी जी महाराज मंदिर परिसर से शुक्रवार को करणपुर वाली गुमानो व इंद्रगढ़ बीजासनी माता की पदयात्राएं रवाना हुई। इस दौरान जय गुमानो मां सेवा समिति के तत्वावधान में करणपुर वाली गुमानो मां की 20वीं पदयात्रा धूमधाम के साथ रवाना हुई। समिति के योगेश कुमार शर्मा उर्फ योगी ने बताया कि पदयात्रा से पूर्व माता की प्रतिमा को रथ में अशोक कुमार शास्त्री ने विधि-विधान के साथ सजाकर महाआरती की गई। वहीं अतिथियों का स्वागत किया गया। इसके बाद पदयात्रा आतिशबाजी, धार्मिक भजनों व जयकारों के साथ पुरानी नगर पालिका, फूटाकोट चौराहा, सदर बाजार, बडा बजार, पुरानी सब्जी मंडी, भूडारा बाजार, होली खिडकिया होते हुए रवाना हुई। पदयात्रा के दौरान जयकारों से माहौल धर्ममय हो गया। इस दौरान पदयात्रा का लोगों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा करने के साथ स्वागत किया गया। उन्होंने बताया कि 19 सितंबर को आशा की वॉच टावर पर भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इसी दिन करणपुर स्थित गुमानो माता के मंदिर को सुगंधित पुष्पों से सजाकर फूल बंगला की झांकी के साथ माता रानी को छप्पनभोग लगाए जाएंगे। वहीं नवचंडी पाठ का आयोजन भी किया जाएगा। इसी प्रकार इंद्रगढ़ बीजासनी माता की षष्ठम पदयात्रा विधि-विधान के साथ रवाना हुई। मां इंद्रगढ़ सेवा समिति के नवीन कुमार जिंदल ने बताया कि पदयात्रा रवाना होने से पूर्व माता की प्रतिमा को विधि-विधान के साथ रथ में सजाकर महा आरती की गई। इसके बाद पदयात्रा आतिशबाजी व जयकारों के साथ रवाना हुई। इस दौरान श्रद्धालु धार्मिक भजनों पर नाचते गाते हुए व जयकारे लगाते हुए रवाना हुए। पदयात्रा का जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। इसके बाद पदयात्रा शहर के मुख्य मांर्गों से होते हुए रवाना हुई। उन्होंने बताया कि 22 सितंबर को पदयात्रा इंद्रगढ़ पहुंचेगी। इसी दिन रात्रि जागरण का आयोजन किया जाएगा। 23 सितंबर को माता के मंदिर को सुगंधित पुष्पों से सजाकर फूल बंगला की झांकी के साथ माता रानी को छप्पनभोग लगाने के साथ भंडारे का आयोजन चेयरमैन की धर्मशाला, इंद्रगढ़ में किया जाएगा