यमुनानगर की रामपुरा कॉलोनी स्थित सब्बरवाल टायर्स के शोरूम पर 11 जुलाई की रात हुई फायरिंग की जांच में पुलिस के सामने वारदात को अंजाम देने वाले पूरे नेटवर्क की तस्वीर धीरे-धीरे साफ हो रही है। एसटीएफ अंबाला ने मामले में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि फायरिंग के लिए सिर्फ शूटर ही जिम्मेदार नहीं थे, बल्कि वारदात से पहले सिम उपलब्ध कराने, शूटरों को तैयार करने और उन्हें पैसे देने तक की जिम्मेदारियां अलग-अलग लोगों को सौंपी गई थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजस्थान के झुंझुनू निवासी अशफाक (27), प्रिंस खरड़िया (23) और दौसा निवासी संजय भट्ट (26) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, अशफाक ने वारदात में इस्तेमाल होने वाली सिम उपलब्ध कराई थी, जबकि प्रिंस और संजय की भूमिका शूटर सरजीत और राजेश कुमार को फायरिंग के लिए तैयार करने में सामने आई है। तीनों आरोपियों से पूछताछ के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जांच में सामने आई साजिश की नई कड़ी एसटीएफ की जांच के मुताबिक, सब्बरवाल टायर्स को निशाना बनाने की जिम्मेदारी कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू की ओर से विकास उर्फ विक्की तक पहुंची। इसके बाद विकास ने फायरिंग के लिए सरजीत और राजेश कुमार को तैयार किया। अब जांच में सामने आया है कि शूटरों तक पहुंचने और उन्हें वारदात के लिए तैयार करने के बीच प्रिंस, संजय और अशफाक की भी भूमिका रही। पुलिस के अनुसार, फायरिंग के लिए सरजीत और राजेश को 10-10 हजार रुपए दिए गए थे। वहीं वारदात में इस्तेमाल सिम की व्यवस्था करने के बदले अशफाक को पांच हजार रुपए मिले थे। इस तरह जांच में फायरिंग के पीछे पैसे के लेन-देन के साथ-साथ अलग-अलग स्तर पर काम करने वाले लोगों का नेटवर्क सामने आया है। पांच-छह राउंड फायरिंग के बाद लगाया था धमकी भरा पर्चा बता दें कि, 11 जुलाई की रात रामपुरा कॉलोनी स्थित सब्बरवाल टायर्स के शोरूम के बाहर बदमाशों ने पांच से छह राउंड फायर किए थे। फायरिंग के बाद शोरूम के बाहर धमकी भरा पर्चा चिपकाया गया था। इसमें 10 लाख रुपए के इनामी कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू के नाम से कारोबारी को धमकी दी गई थी। पर्चे में अगली बार गोली सिर में मारने की बात कही गई थी। वारदात के बाद एक ऑडियो भी सामने आया था, जिसमें कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू ने फायरिंग की जिम्मेदारी लेने की बात कही थी। इसके बाद शहर यमुनानगर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। सात गिरफ्तारी के बाद भी जांच जारी मामले में सबसे पहले सीआईए-2 ने राजस्थान के बहरोड़ निवासी सरजीत और बिहार निवासी राजेश कुमार को गिरफ्तार किया था। बाद में जांच एसटीएफ अंबाला को सौंप दी गई। एसटीएफ ने सीकर के फतेहपुर निवासी राहुल और गाजियाबाद निवासी विकास उर्फ विक्की को भी गिरफ्तार किया। एसटीएफ इंस्पेक्टर निर्मल सिंह के अनुसार, जांच में विकास की भूमिका मुख्य हैंडलर के तौर पर सामने आई। अब तीन और गिरफ्तारियों के बाद पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे और वारदात की योजना तैयार होने से लेकर फायरिंग तक किसकी क्या भूमिका रही।