संभाग के सबसे बड़े पन्नाधाय महिला चिकित्सालय (जनाना अस्पताल) में प्रसूताओं की परेशानी जारी है। इसके स्थायी समाधान के लिए 10 सितंबर 2025 को नए भवन के लिए 120 करोड़ रुपए का बजट राशि भी जारी हो चुका है, लेकिन एक साल बाद भी पुराने जर्जर भवन को डिमॉलिश करने और 8 मंजिला नया अस्पताल बनाने की वित्तीय व प्रशासनिक मंजूरी नहीं मिली है। भास्कर पड़ताल में सामने आया कि आरएनटी मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने चार माह पहले फाइल जयपुर स्थित संबंधित फाइनेंस डिपार्टमेंट को भेज दी थी। वहां मंजूरी अटकने से पुराने भवन का ध्वस्तीकरण और नए भवन का निर्माण शुरू नहीं हो पा रहा है। वर्ष 2011 में 11 करोड़ रुपए की लागत से 54 साल पुराने भवन की मरम्मत कर उसके ऊपर 2 मंजिल और बनाई गई थीं। निर्माण पूरा होने के बाद ही भवन में दरारें आने लगीं और बिल्डिंग धंसने लगी। सुरक्षा के मद्देनजर जुलाई 2018 में भवन खाली कराकर बंद कर दिया गया। तब से प्रसूताओं को सोनोग्राफी, लेबर रूम और एनआईसीयू तक पहुंचने के लिए एक वार्ड से दूसरे वार्ड तक तीमारदारों के सहारे भागदौड़ करनी पड़ रही है। यह बदहाली वर्ष 2017-18 से बनी हुई है। नए भवन के लिए वर्ष 2022 में ही 120 करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया गया था। काम शुरू भी हो तो भी 4 साल लगेंगे वित्त विभाग से मंजूरी मिल भी जाए और निर्माण एजेंसी एचएलएल हाइट्स तत्काल काम शुरू कर दे, तब भी पुरानी इमारत को डिमॉलिश कर 8 मंजिला नया अस्पताल बनाने में कम से कम 4 साल लगेंगे। यानी अगले चार साल तक उदयपुर के साथ डूंगरपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और राजसमंद से आने वाली हजारों महिलाओं को इसी व्यवस्था में इलाज कराना पड़ेगा।