बेरोजगार युवाओं को मुख्यमंत्री युवा संबल योजना का फायदा नहीं मिल पा रहा है। प्रदेश के अधिकतर जिले ऐसे हैं जहां जनवरी से अब तक यानी 9 महीने से भत्ता नहीं मिला है। जिन जिलों में मिल गया, वहां 6 महीने से अटका हुआ है। चौंकाने वाली बात यह है कि सरकार द्वारा बजट में भत्ते के लिए 825 करोड़ रुपए का प्रावधान करने के बावजूद बिल पेंडिंग हैं। एक महीने का भत्ता 70 से 80 करोड़ रुपए होता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा किताबें, कोचिंग, इंटरनेट, यात्रा और किराए जैसे खर्चों के लिए भत्ते के ही भरोसे होते हैं। हर माह 2 लाख युवाओं को भत्ता देने का है प्रावधान मुख्यमंत्री युवा संबल योजना में पात्र बेरोजगार युवाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है। कोई हटता है तो नया पात्र जुड़ जाता है, लेकिन संख्या दो लाख से अधिक नहीं हो सकती। पुरुष अभ्यर्थियों को 4 हजार और महिलाओं, ट्रांसजेंडर व विशेष योग्यजन को 4,500 रुपए प्रतिमाह दिए जाते हैं। तकनीकी कारणों से नहीं मिला सरकार ने योजना को पारदर्शी बनाने के लिए आईएफएमएस 2.0 से भत्ते के बिलों का भुगतान करने का नियम लागू किया है। लेकिन तकनीकी कारणों से समय पर नहीं दिया जा रहा है। -राधे मीणा, प्रदेशाध्यक्ष, राजस्थान युवा बेरोजगार महासंघ 7 अक्टूबर तक भुगतान का प्रयास है जनवरी से मार्च तक के बिल पास हो गए हैं। वित्त विभाग से 7 अक्टूबर तक भुगतान का प्रयास है। साथ ही अप्रैल, मई, जून के बिल जल्दी ही भेज दिए जाएंगे। बजट की समस्या नहीं है। बिल ईसीएस होने में समय लगता है। इस कारण भुगतान नहीं हो पाता। -श्याम लाल साटोलिया, संयुक्त निदेशक, रोजगार निदेशालय