70 साल की बुजुर्ग महिला इलाज के लिए प्रताप नगर स्थित स्टेट कैंसर हॉस्पिटल पहुंची। लाइन में लगकर डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने पर्ची पर सीटी स्कैन लिख दिया। बाहर निकलकर महज 50 मीटर दूर आरयूएचएस पहुंची तो जवाब मिला-इस पर्ची से यहां जांच नहीं होगी, एसएमएस जाना पड़ेगा। इसके बाद परिजन बुजुर्ग महिला को लेकर 14 किमी दूर एसएमएस पहुंचे और जांच कराई। यह परेशानी अकेली इस महिला की नहीं है। स्टेट कैंसर हॉस्पिटल से रोजाना करीब 30 मरीज सीटी स्कैन और एमआरआई कराने एसएमएस जाते हैं। गंभीर मरीजों को भी जांच के लिए 14 किमी का सफर करना पड़ रहा है, जबकि महज 50 मीटर दूर आरयूएचएस में दोनों जांचें हो रही हैं। RUHS में जांच करानी है तो पर्ची कटवाओ, लाइन में लगो, दूसरे डॉक्टर से लिखवाओ SMS में रोज 650 CT स्कैन और 230 एमआरआई, RUHS में 50 ही हो रही एसएमएस से जुड़े ज्यादातर हॉस्पिटलों से सीटी स्कैन और एमआरआई कराने मरीज एसएमएस आते हैं। वहां के ट्रॉमा, इमरजेंसी और बांगड़ में मिलाकर रोजाना करीब 650 सीटी स्कैन और 230 एमआरआई हो रही हैं। वहीं, आरयूएचएस में निगम चुनावों की आचार संहिता से पहले जांच सेंटर शुरू हुआ है। यहां रोजाना 50 से ज्यादा जांचें हो रही हैं। स्टेट कैंसर हॉस्पिटल से रोजाना करीब 30 मरीज जांच कराने एसएमएस जाते हैं। आरयूएचएस में 1.5 टेस्ला की मशीन है और एसएमएस में 3 टेस्ला की एडवांस मशीन है। डॉक्टर कैसी जांच करवाना चाहते हैं, उनके ऊपर है। -डॉ. दीपक माहेश्वरी, प्रिंसिपल एसएमएस ओपीडी के मरीजों को कहीं भी सीटी स्कैन या एमआरआई का ऑप्शन है। आईपीडी के मरीज की जांच हम करवा लेते हैं। -डॉ. संदीप जसूजा, अधीक्षक स्टेट कैंसर हॉस्पिटल एसएमएस का जहां कॉन्ट्रेक्ट है, वे उसके हिसाब से निर्णय ले सकते हैं। -डॉ. अनिल गुप्ता, अधीक्षक आरयूएचएस