भास्कर न्यूज | झुंझुनूं अरड़ावता निवासी महिला काश्तकार पूनम ओला ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर पावरग्रिड ट्रांसमिशन लिमिटेड कंपनी (पीवीटीएल) पर बिना मुआवजा दिए खेत में जबरन लाइन डालने का आरोप लगाया है। कलेक्टर को दिए ज्ञापन में बताया कि 765 केवी डबल सर्किट बीकानेर-नीमरान बिजली लाइन खींची जा रही है। अरड़ावता के खसरा संख्या 36 में उनकी खातेदारी भूमि स्थित है। आरोप है कि कंपनी की ओर से निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन किए बिना ही भूमि पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। नियमों के मुताबिक काम शुरू होने से पहले राजस्व विभाग और कंपनी द्वारा संयुक्त मापन (जोइंट मेजरमेंट) किया जाना अनिवार्य है, जिसे पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। बिना सहमति और अग्रिम मुआवजे के खड़ी फसल पर काम शुरू कर दिया गया। कंपनी ने न तो महिला काश्तकार से कार्य शुरू करने की लिखित सहमति ली है और न ही नियमानुसार देय एकमुश्त अग्रिम मुआवजे का भुगतान किया है। कंपनी के कर्मचारी और ठेकेदार बिना किसी कानूनी प्राधिकार के उनकी खड़ी फसलों को नष्ट कर जबरन काम करने का प्रयास कर रहे हैं। विरोध करने पर परिवार को डराया-धमकाया जा रहा है, काम रुकवाने और सुरक्षा देने की मांग पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से की है। जब तक जमीन का संयुक्त मापन नहीं हो जाता और एकमुश्त अग्रिम मुआवजा नहीं मिल जाता, तब तक मौके पर चल रहे कार्य को तत्काल प्रभाव से रुकवाया जाए।