दौसा में पंचायत आम चुनाव के तहत जिला परिषद सदस्य पद के चुनाव में प्रत्याशियों की तस्वीर साफ हो गई है। नाम वापसी के बाद अब 37 वार्डों में 95 प्रत्याशी चुनावी मैदान में डटे हैं। प्रत्याशियों की अंतिम स्थिति स्पष्ट होने के साथ ही अब चुनाव प्रचार रफ्तार पकड़ेगा। उम्मीदवार घर-घर पहुंचकर मतदाताओं से संपर्क साध रहे हैं और अपने पक्ष में समर्थन जुटाने में लगे हैं। कई नेताओं की प्रतिष्ठा दाव पर जिला परिषद चुनाव में इस बार कई प्रमुख राजनीतिक परिवारों की प्रतिष्ठा दांव पर है। सिकराय विधायक विक्रम बंशीवाल की मां कौशल्या देवी भाजपा के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं। वहीं दौसा विधायक डीसी बैरवा की पत्नी बीना बैरवा भी जिला परिषद सदस्य पद के लिए अपनी किस्मत आजमा रही हैं। इसके अलावा पूर्व मंत्री ममता भूपेश की बेटी देवांगना भी पहली बार चुनावी मैदान में उतरी हैं। तीनों प्रत्याशियों की दावेदारी के चलते जिला परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। इन्हें जिला प्रमुख पद के संभावित दावेदारों के रूप में भी देखा जा रहा है। ऐसे में चुनाव परिणाम इन प्रमुख राजनीतिक परिवारों के लिए अहम माने जा रहे हैं। प्रत्याशियों की स्थिति साफ होने के बाद अब चुनावी मुकाबले की तस्वीर सामने आने लगी है। आने वाले दिनों में प्रचार अभियान और तेज होगा। अब पढ़िए- कौन कहां से जता रहा दावेदारी