एक माह से दिखा रखा है भर्ती कोटा सरकारी एमबीएस अस्पताल में 5-5 हजार रुपए के तीन ह्यूमन एल्बुमिन इंजेक्शन ऐसे मरीज को लगाना बताया है, जो अस्पताल में कभी भर्ती ही नहीं हुई। अस्पताल के रिकॉर्ड में वह महिला अभी भी भर्ती है और उसका अस्पताल पंजीयन नंबर- 120726298143657 है। इस मामले की जानकारी मिलने पर भास्कर रिपोर्टर ने गुरुवार को पहले अस्पताल के वार्ड में जाकर देखा तो वह महिला भर्ती नहीं थी। इसके बाद उसके घर जाकर देखा तो 86 साल की रामकन्या देवी आराम कर रही थीं। अस्पताल में भर्ती होने के बारे में रिपोर्टर ने पूछा तो उन्होंने बताया कि वह एकदम स्वस्थ हैं और इन सालों में कभी अस्पताल में भर्ती नहीं हुईं। भास्कर पड़ताल में सामने आया कि न्यू कॉलोनी, नयापुरा बस स्टैंड, वार्ड नंबर 72, नयापुरा निवासी रामकन्या (86) पत्नी प्रभु सिंह हाड़ा को 10 सितंबर शाम 6:16 बजे इमरजेंसी में भर्ती करना बताया हुआ है। यानी यह महिला पिछले एक महीने से अस्पताल में भर्ती है। रिकॉर्ड में उसे यूनिट-ए महिला मेडिकल वार्ड में भर्ती बताकर आठ दिन में उसे 3 इंजेक्शन लगाना बताया है। डॉक्टर बोले- उस वक्त मेरी ड्यूटी ही नहीं थी भास्कर रिपोर्टर ने 6 अक्टूबर को रामकन्या को वार्ड से जारी किए गए इंजेक्शन का डिमांड पत्र निकाला। इसमें यूनिट हेड के तौर पर मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. श्याम बिहारी मीणा की मुहर लगी थी। साथ ही उपाधीक्षक की सील के साथ काउंटर साइन भी थे। भास्कर रिपोर्टर ने डॉ. श्याम बिहारी से इस बारे में पूछा तो उन्होंने कहा- 6 अक्टूबर को मैं ड्यूटी (कॉल-डे) पर नहीं था। सील पर मेरे साइन नहीं हैं, केवल सील लगी हुई है। सील वार्ड में रहती है। हो सकता है कि वहां के किसी कर्मचारी ने सील का मिस-यूज किया हो। यह इंजेक्शन इंसान के प्लाज्मा से बनता है ह्यूमन एल्बुमिन प्राकृतिक रूप से इंसानी खून के प्लाज्मा में पाया जाने वाला प्रोटीन है। यह शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखने और रक्त वाहिकाओं से पानी को बाहर रिसने से रोकने का काम करता है। यह कोई रासायनिक दवा नहीं है, जिसे किसी भी फैक्ट्री में रसायनों से बनाया जा सके। इसे केवल ब्लड डोनर्स के दान किए गए इंसानी प्लाज्मा से ही बनाया जा सकता है।