महावीर कॉलोनी स्थित पावन धाम मंदिर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शनिवार शाम को विधिवत विश्राम होगा। अंतिम दिन रुक्मिणी विवाह प्रसंग का संगीतमय वर्णन होगा। भगवान श्रीकृष्ण-सुदामा मिलन के भावपूर्ण प्रसंग भी सुनाए जाएंगे। इस मौके पर कृष्ण-रुक्मिणी विवाह की विशेष सचेतन झांकी सजाई जाएगी। कथा के जरिए श्रद्धालुओं को प्रेम, समर्पण, सच्ची भक्ति का संदेश मिलेगा। कृष्ण-सुदामा मिलन प्रसंग से मित्रता, सादगी, निष्काम भाव की महत्ता बताई जाएगी। मंदिर प्रवक्ता कन्हैया शर्मा समीर ने बताया कि धार्मिक अनुष्ठान के क्रम में रविवार सुबह मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भव्य हवन होगा। इसके बाद ब्रह्मभोज होगा। दोपहर में भंडारे का आयोजन होगा। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को कथा व्यास पं. विनोद शास्त्री ने गोवर्धन पूजा प्रसंग का मार्मिक वाचन किया। कंस वध प्रसंग भी सुनाया। व्यासपीठ से बताया गया कि भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाकर इंद्र का मानमर्दन किया। समाज को प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। कंस वध के माध्यम से अधर्म पर धर्म की विजय का बोध कराया। गोवर्धन झांकी के समक्ष श्रद्धालु भजनों पर भाव-विभोर होकर झूम उठे।