कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके की ममता बनर्जी को धन्यवाद देने वाली X पोस्ट बैन कर दी गई है। TMC सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने पहले की गई धन्यवाद पोस्ट और बैन पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर किया है। इसके बाद दीपके ने शनिवार को कहा कि 10 अक्टूबर से पहले उनका X हैंडल हटाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो उन्हें हैरानी नहीं होगी। CJP मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR के विरोध में प्रदर्शन कर रही है। शुक्रवार को मुंबई के शिवाजी पार्क में प्रदर्शन के बाद CJP ने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन किया जाएगा। मुंबई पुलिस ने 2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क में हुए CJP के प्रदर्शन के आयोजकों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इसमें 400-500 अज्ञात प्रदर्शनकारियों को भी आरोपी बनाया गया है। पहले- अभिजीत दीपके की पोस्ट X के पोस्ट बैन करने के बाद ममता ने कहा था- CJP, युवाओं और छात्रों के साथ खड़ी हूं दरअसल, ममता बनर्जी ने CJP आंदोलन को समर्थन देते हुए शुक्रवार को कहा था कि वह CJP, युवाओं और छात्रों के साथ पूरी तरह खड़ी हैं। उनके बयान को डेरेक ओ ब्रायन ने शेयर किया था। डेरेक ओ ब्रायन की पोस्ट पर दीपके ने ममता को टैग करते हुए X पर आंदोलन के समर्थन के लिए धन्यवाद दिया था। हालांकि, बाद में X ने पोस्ट को बैन कर दिया। पोस्ट खोलने पर लिखा आ रहा है, स्थानीय नियमों के कारण यह कंटेंट X पर बैन है। डेरेक ओ ब्रायन ने आरोप लगाया कि सरकार के दबाव में पोस्ट को बैन किया गया। CJP का मुंबई में प्रदर्शन, CEC के इस्तीफे की मांग CJP ने मुंबई के शिवाजी पार्क में शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। पार्टी ने वोटर लिस्ट के SIR को लेकर भी सवाल उठाए थे। इस दौरान स्टेज पर मौजूद सभी लोग महात्मा गांधी की फोटो वाली टी-शर्ट पहनकर पहुंचे थे। दीपके ने गांधी और अंबेडकर का जिक्र किया था। उन्होंने कहा- गांधी देश की आत्मा हैं, अंबेडकर रीढ़ की हड्डी और नेहरू दिमाग हैं। दीपके ने आगे कहा कि मुंबई में हुआ प्रदर्शन सिर्फ ट्रेलर है और उनका असली प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर होगा। -------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट जज एकमत नहीं:एक ने कहा- 5 जजों की संविधान पीठ करे सुनवाई, दूसरे ने विरोध किया मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और दो चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून पर सुप्रीम कोर्ट ने बंटा हुआ फैसला दिया। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच को यह तय करना था कि केस बड़ी (पांच जजों की) बेंच को भेजा जाए या नहीं। पूरी खबर पढ़ें…