सरकारी मशीनरी और सिस्टम को ठेंगा दिखाते हुए गरीबों के राशन का घोटाला करने वाले राशन माफिया का पर्दाफाश हुआ है। जिले के दो अलग-अलग इलाकों बाखासर और शिव में सार्वजनिक वितरण प्रणाली का घोटाला सामने आया है। कागजों में हेराफेरी और मिलीभगत का खेल खेलकर दो राशन डीलरों ने कोई सौ-दो सौ किलो नहीं, बल्कि पूरे 81,388 किलो सरकारी गेहूं डकार लिया। हैरानी की बात यह है कि जब रसद विभाग को इस धांधली की भनक लगी, दुकानों पर कार्रवाई शुरू हुई। आरोपी डीलर न केवल अनाज हजम कर गए, बल्कि सरकार की राशन बांटने वाली डिजिटल पॉश मशीनें, आईरिस स्कैनर और तोलने के इलेक्ट्रॉनिक कांटे समेटकर फरार हो गए। जनता को महीने-दर-महीने राशन से वंचित रखकर उनके अंगूठे तो लगवा लिए गए, लेकिन अनाज नहीं दिया। अब रसद विभाग की नींद खुलने पर बाखासर और शिव पुलिस थानों में इन दोनों राशन डीलर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। शिव में 26.9 टन गेहूं का गबन, जांच में दुकान मिली बंद शिव थाना क्षेत्र की गूंगा राशन दुकान है। यहां डीलर हरीश कुमावत पुत्र मांगाराम पर खाद्यान्न गबन का आरोप है। मार्च 2026 में प्रवर्तन अधिकारी द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान दुकान बंद मिली। डीलर अनुपस्थित था। ग्रामीणों के बयानों से पता चला कि डीलर ने जनवरी 2026 में पॉश मशीन पर बायोमेट्रिक सत्यापन करवा लिया, लेकिन खाद्यान्न का वितरण नहीं किया। विभाग द्वारा नोटिस दिए जाने पर डीलर ने अपनी पुत्री के अस्वस्थ होने का कारण बताया। हालांकि मई 2026 में हुई जांच में ऑनलाइन रिकॉर्ड के अनुसार पॉश मशीन में 26,909 किलो गेहूं दर्ज पाया गया, लेकिन मौके पर भौतिक रूप से गेहूं उपलब्ध नहीं था। विभाग ने दिए गए अवसरों के बावजूद डीलर ने न तो जवाब पेश किया, न ही अवशेष स्टॉक का हस्तांतरण किया। इस पर जिला रसद अधिकारी अश्विनी गुर्जर ने 13 अगस्त को आरोपी डीलर की जमानत राशि जब्त कर प्राधिकार पत्र निरस्त कर दिया। इसके बाद कार्यवाहक प्रवर्तन निरीक्षक व नायब तहसीलदार अनंत गौड़ की रिपोर्ट पर शिव थाने में एफआईआर दर्ज की गई। दोनों ही मामलों में आरोपी राशन डीलरों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं। 54.4 टन गेहूं व कांटा लेकर फरार हुआ रडवा दुकान का राशन डीलर बाखासर थाना क्षेत्र की रडवा उचित मूल्य दुकान 54 के डीलर पारसचंद पुत्र सवाराम पर अनियमितता और गबन के गंभीर आरोप लगे हैं। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार पारसचंद के पास पाण्डरवाली दुकान 85 का अतिरिक्त प्रभार था। जब वहां नया डीलर रमेशचंद नियुक्त हुआ, पारसचंद ने उसे 15,084 किलो गेहूं का शेष स्टॉक हस्तांतरित नहीं किया। मामला सामने आने पर जिला रसद कार्यालय ने 14 मई को रडवा दुकान का प्राधिकार पत्र निलंबित कर दिया। अस्थायी प्रभार नवापुरा के डीलर मांगाराम को सौंप दिया। हालांकि निलंबित डीलर पारसचंद ने अपनी दुकान में दर्ज 39,395.70 किलो गेहूं का बकाया स्टॉक भी जमा नहीं कराया। यही नहीं, वह राशन बांटने की पॉश मशीन, चार्जर, आईरिस स्कैनर और इलेक्ट्रॉनिक तोल कांटा भी साथ ले गया। दोनों दुकानों का मिलाकर कुल 54,479.70 किलो गेहूं और सरकारी उपकरण हस्तांतरित नहीं किए गए। कार्यवाहक प्रवर्तन निरीक्षक व नायब तहसीलदार देदाराम की शिकायत पर बाखासर थाने में मामला दर्ज किया। राशन डीलर ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर गेहूं उपलब्ध नहीं करवा रहे थे। इस संबंध में कई बार शिकायतें प्राप्त हुईं। आमजन की शिकायतों पर कार्यवाहक प्रवर्तन निरीक्षक ने मौका निरीक्षण किया। स्टॉक के हिसाब से गेहूं उपलब्ध नहीं था। - अश्विनी गुर्जर, डीएसओ, बाड़मेर