भास्कर न्यूज |भरतपुर जिस गोपालगढ़ थाने की पुलिस पर युवक को थर्ड डिग्री देने का आरोप लगा है, अब उसी थाने की पुलिस पर पीड़ित परिवार को धमकाने और शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने के आरोप लगे हैं। पीड़ित के पिता अशोक सैनी का दावा है कि पुलिस की बर्बर मारपीट से उनके बेटे का एक पैर टूट गया। वह 4 अक्टूबर से भरतपुर के एक निजी अस्पताल में बेहोशी की हालत में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहा है। पिता ने आईजी डॉ. प्रीति चंद्रा से शिकायत की थी, लेकिन अब तक उनकी मांग है कि पहले पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो, ताकि निष्पक्ष जांच हो सके। अशोक सैनी ने बताया कि उनका बेटा गुरुग्राम में ओला कैब चलाकर परिवार का पालन-पोषण करता है। पुलिस ने उसे एक लड़की को लेकर जाने वाले युवक का दोस्त होने के संदेह में पूछताछ के लिए पकड़ा था। अशोक का आरोप है कि पूछताछ के दौरान उसके बेटे के साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उसका पैर टूट गया। इसके बाद से वह अस्पताल में भर्ती है। उसके फर में फ्रैक्चर के साथ गंभीर चोटें हैं। पुलिस ने छत से कूदने पर चोट लगने का किया दावा:- वहीं, डीग एसपी ने पहले अशोक की शिकायत में लगाए गए आरोपों को सही नहीं बताया था। गोपालगढ़ थाना प्रभारी के अनुसार, अंकित पर शक था कि वह उस युवक का दोस्त है, जो एक लड़की को लेकर गया था। पूछताछ के लिए संपर्क करने पर अंकित ने अपना मोबाइल बंद कर लिया था। 3 अक्टूबर को उसकी लोकेशन उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में मिली थी। थाना प्रभारी के मुताबिक, पुलिस ने रात में दबिश दी तो अंकित पुलिस को देखकर छत से कूद गया, जिससे उसके पैर में चोट लग गई। घटना के बाद अशोक ने आईजी डॉ. प्रीति चंद्रा से शिकायत कर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। आईजी ने मामले की जांच डीग एसपी को सौंपी। इसके बाद डीग एसपी ने जांच कामां सीओ को करने के निर्देश दिए। अशोक का कहना है कि जब तक संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होगी, तब तक निष्पक्ष जांच की उम्मीद कैसे की जा सकती है? उन्होंने आरोप लगाया कि जिस क्षेत्र के पुलिसकर्मियों पर आरोप हैं, उसी क्षेत्र के अधिकारी रिपोर्ट दर्ज करने से बच रहे हैं।