राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में गुरुवार को अजमेर में कांग्रेस ने शक्ति प्रदर्शन किया। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता जिला कांग्रेस कार्यालय से कलेक्ट्रेट पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर परिसर में घुसने की कोशिश की और बैरिकेड्स पर चढ़ गए। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया तो दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हुई। कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़कर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। बाद में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार के बाहर ही धरने पर बैठ गए। राहुल गांधी की हिरासत को लेकर कांग्रेस का ‘काला दिवस’ कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में प्रदर्शन को ‘काला दिवस’ बताया। शहर अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी को जंतर-मंतर जाने से रोका गया और निर्वाचन आयोग ने उनसे मुलाकात का समय नहीं दिया। जयपाल ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को करीब 8 घंटे तक गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया। प्रियंका गांधी के साथ भी पुलिस ने बदसलूकी की। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई, पद से हटाने और एफआईआर दर्ज होने तक कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा। ईवीएम पर सवाल, कांग्रेस ने बैलेट पेपर से चुनाव की मांग उठाई पूर्व नेता प्रतिपक्ष द्रौपदी कोली ने चुनाव प्रक्रिया और ईवीएम को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की मिलीभगत से मतदाता सूचियों से बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं। कांग्रेस ने आगामी चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग की। कोली ने ईवीएम की बैटरी को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव के बाद लंबे समय तक ईवीएम बंद रहने के बावजूद बैटरी चार्ज रहने को लेकर संदेह है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए विपक्ष एकजुट होकर सड़कों पर उतर रहा है।