उदयपुर में SOG के एडिशनल SP मुकेश कुमार सोनी द्वारा 2 करोड़ की रिश्वत मांगने के मामले में नया मोड़ आया है। एक गवाह ने एसीबी उदयपुर के अधिकारियों पर झूठी गवाही के लिए डराने-धमकाने का आरोप लगाया है। इसके बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने जांच एजेंसी को निर्देश दिया है कि वह निष्पक्षता से ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ बयान दर्ज करे। गवाह ने कहा- ACB बयान देने पर डरा रही गवाह नरेंद्र कुमार टेलर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग की थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि एसीबी की टीम उसे अपनी मर्जी के खिलाफ बयान देने के लिए डरा रही है, जबकि वह सच्चाई के आधार पर स्वतंत्र बयान देना चाहता है। गवाह के बयान वीडियोग्राफी से रिकॉर्ड करें- हाईकोर्ट कोर्ट ने आदेश दिया कि अगर गवाह नरेंद्र कुमार के बयान दर्ज करने की जरूरत पड़ती है, तो जांच अधिकारी बिना किसी दबाव या डर के बयान लेंगे। साथ ही, गवाह के बयान वीडियोग्राफी से रिकॉर्ड किए जाएंगे। इस मामले में एसीबी आरोपी आरपीएस मुकेश कुमार सोनी और सज्जन सिंह जैन से जुड़े मामले की जांच कर रही है। आरोपी को फोर्ड एंडेवर कार देने वाला व्यक्ति भी जांच के घेरे में है। दरअसल 27 सितंबर रविवार को को एसीबी उदयपुर ने SOG के एडिशनल SP मुकेश कुमार सोनी गिरफ्तार किया था। इससे पहले शनिवार को एसीबी ने एएसपी के दलाल सज्जन सिंह जैन को 2 करोड़ की रिश्वत लेते पकड़ा था। यह रिश्वत उदयपुर नगर निगम के 272 प्लॉट के घोटाले में एफआर लगाने और जब्त सामान छोड़ने के बदले मांगी गई थी। एएसपी के दलाल सज्जन सिंह को गिरफ्तार करने के बाद शनिवार देर रात ही मुकेश सोनी को भी बालोतरा में उनके घर से हिरासत में ले लिया था। ये खबर भी पढ़ें… उदयपुर- 2 करोड़ रिश्वत मामले में ASP गिरफ्तार:272 प्लॉट घोटाला केस में FR के लिए हुई थी डील, ASP और दलाल 3 दिन रिमांड परएसीबी उदयपुर ने दो करोड़ की रिश्वत मामले में SOG के एडिशनल SP मुकेश कुमार सोनी को रविवार दोपहर गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले शनिवार को एसीबी ने एएसपी के दलाल सज्जन सिंह जैन को 2 करोड़ की रिश्वत लेते पकड़ा था। यह रिश्वत उदयपुर नगर निगम के 272 प्लॉट के घोटाले में एफआर लगाने और जब्त सामान छोड़ने के बदले मांगी गई थी। सज्जन सिंह को गिरफ्तार करने के बाद शनिवार देर रात ही मुकेश सोनी को भी बालोतरा में उनके घर से हिरासत में ले लिया था। पूरी खबर पढ़ें..