अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों में सें 10 वार्ड ऐसे हैं, जहां भाजपा व कांग्रेस में सीधा मुकाबला है। इनमें से वार्ड संख्या 59 में भाजपा से पूर्व सभापति की पत्नी व कांग्रेस से पूर्व पार्षद की पत्नी में सीधा मुकाबला है। यहां टूटी सड़कें, कचरे से अटे पडे़ नाले-नालियां, पीने के पानी का संकट, घूमते आवारा जानवर और अधूरी पड़ी पुलिया की समस्यांए है। वहीं चुनाव में प्रत्याशी के बाहरी-स्थानीय का मुद्दा भी छाया है। यहां वोट भी किसी एक जाति विशेष के होने के बजाय अलग-अलग जाति के है। लेकिन एससी वर्ग का बाहुल्य है। दोनों ही प्रत्याशियों की ओर से प्रचार के दौरान समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया जा रहा है। वार्ड 59 अनारक्षित महिला के लिए रिजर्व था और भाजपा ने पूर्व सभापति रहे सुरेन्द्रसिंह शेखावत की पत्नी मधु शेखावत को चुनाव मैदान में उतारा, वहीं कांग्रेस ने पूर्व पार्षद श्रवण कुमार की पत्नी बबीता चौहान पर दांव खेला है। मधु शेखावत का निवास वार्ड 56 में है, जबकि बबीता इसी वार्ड की रहने वाली है। भाजपा में सुरेन्द्रसिंह शेखावत का बड़ा नाम है, वहीं कांग्रेस में श्रवण कुमार पहले पार्षद रह चुके है। वार्ड में करीब 400 वोटर है। एससी वर्ग का बाहुल्य है। यहां मेघंवशी बैरवा सहित सिंधी, गुजराती, माली सहित अन्य जातियां भी है। ये है वार्ड का क्षेत्र वार्ड 59 में रेलवे बंग्लो, सिंधी तोपदड़ा, साधु बस्ती, सुभाष नगर, डीआरएम कार्यालय, माल गोदाम, रोडवेज बस स्टैंड, रेलवे क्वार्टर्स, फूस की कोठी, जीएलओ ग्राउंड क्षेत्र शामिल है। समस्याओं का समाधान किया जाए क्षेत्रवासी राहुल झाड़ोतिया ने बताया- नाला बना है, उसकी पुलिया है, वह अधूरी पड़ी है। आने जाने का रास्ता नहीं होने से व्यापार ठप पड़ा है और यहां पानी भर जाता है। वहीं टूटी सड़कें व कचरे से अटी पड़ी नालियों की भी परेशानी है। सौलत हुसैन ज़दी ने कहा कि पुलिया पर किया गया निर्माण पहले समतल था और आराम से आते जाते थे। लेकिन ऊंचा कर दिया, इससे आवाजाही नहीं हो रही है। पानी भी भर जाता है। इससे परेशानी हो रही है। इन समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। ……….. पढें ये खबरें भी…. अजमेर के सबसे हॉट वार्ड-4 का चुनावी गणित दिलचस्प:पूर्व मेयर की पत्नी को कांग्रेस का समर्थन, दो निर्दलीय और भाजपा प्रत्याशी में त्रिकोणीय मुकाबला अजमेर के सबसे हॉट माने जा रहे वार्ड-4 में निकाय चुनाव का मुकाबला दिलचस्प हो गया है। वार्ड में जलभराव और सफाई स्थानीय मतदाताओं के प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं। (पूरी खबर पढें)