अलवर शहर के कोतवाली थाना पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर एफडी और बीमा योजनाओं में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी के मामले में आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। FIR के अनुसार परिवादी कैलाश चंद शर्मा ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने श्रीराम फाइनेंस एवं इंश्योरेंस कंपनी की योजनाओं में निवेश कराने और अधिक लाभ दिलाने का भरोसा देकर उससे अलग-अलग समय पर रकम ली, लेकिन निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद राशि वापस नहीं की। FIR में नामजद आरोपियों में नीरज कुमार शर्मा निवासी बुर्जा, मीना शर्मा पत्नी नीरज कुमार शर्मा, बुर्जा, शिवानी शर्मा, एजेंट कोड SP-1346342; मनोज जैन, एमडी श्रीराम फाइनेंस एंड इंश्योरेंस कंपनी, शिशिर जैन, प्राधिकृत अधिकारी; संदीप आगर, डिवीजनल जनरल मैनेजर जयपुर; राजीव गर्ग, प्राधिकृत अधिकारी और अतुल शर्मा, प्राधिकृत अधिकारी शामिल हैं। एफडी और बीमा के नाम पर रकम लेने का आरोप परिवादी के अनुसार अगस्त 2022 में नीरज कुमार शर्मा और मीना शर्मा उसके घर आए और कंपनी की निवेश योजनाओं के बारे में जानकारी देकर भरोसा दिलाया। आरोप है कि 11 अगस्त 2022 को बीमा पॉलिसी के नाम पर परिवादी से 3 लाख रुपए नकद लिए गए। इसके बाद 13 अगस्त 2022 को नीरज शर्मा ने एफडी में निवेश के नाम पर 10 लाख रुपए नकद लिए और एफडी की रसीद व बॉन्ड उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। FIR में आगे आरोप लगाया गया है कि 30 सितंबर 2023 को 10 लाख रुपए की एफडी की राशि परिवादी की अनुमति के बिना प्रीमैच्योर कर उसके बैंक खाते में 10.44 लाख रुपए जमा किए गए। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर यह राशि दोबारा एफडी में लगाने की बात कही। परिवादी का आरोप है कि उसे अलग-अलग समय पर एफडी, बीमा और रिन्यूवल के नाम पर और रकम देने के लिए कहा गया। 7.50 लाख की एफडी में भी गड़बड़ी का आरोप शिकायत के अनुसार 25 अक्टूबर 2023 को आरोपी नीरज कुमार शर्मा ने परिवादी को बताया कि उसकी 7.50 लाख रुपए की नई एफडी तैयार हो गई है। इसके बाद 26 अक्टूबर 2023 को परिवादी ने यह रकम नीरज शर्मा के ICICI बैंक खाते में RTGS के जरिए जमा कराई। आरोप है कि बाद में एफडी का बॉन्ड उपलब्ध कराने के नाम पर भी परिवादी को लगातार टालमटोल किया गया। परिवादी के अनुसार 29 दिसंबर 2023 को उसने 1.44 लाख रुपए भी एफडी में निवेश के लिए आरोपी के कार्यालय में दिए। इसके बाद उसे एफडी बॉन्ड देने का आश्वासन दिया गया। FIR में आरोप है कि बाद में दी गई एफडी के दस्तावेजों की सत्यता को लेकर भी संदेह सामने आया। जांच में बैंक चेक और रिन्यूवल को लेकर भी आरोप शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 1.44 लाख रुपए की एफडी के संबंध में SBI के एक चेक का इस्तेमाल किया गया, जबकि परिवादी के अनुसार उसने यह रकम नीरज कुमार शर्मा को नकद दी थी। इसी तरह 7.50 लाख रुपए की एफडी के संबंध में भी परिवादी ने बैंक चेक का उपयोग किए जाने का आरोप लगाया है, जबकि उसके अनुसार रकम RTGS से नीरज शर्मा के व्यक्तिगत खाते में जमा की गई थी। परिवादी ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने कंपनी की योजनाओं, एफडी और बीमा पॉलिसियों के नाम पर उसका भरोसा हासिल कर अलग-अलग मौकों पर रकम ली और बाद में राशि वापस करने में टालमटोल की। कंपनी अधिकारियों से शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप FIR के मुताबिक परिवादी ने मामले को लेकर कंपनी के अधिकारियों से भी शिकायत की। 18 जून 2026 को कंपनी के इंदौर और जयपुर कार्यालय से शिशिर जैन व संदीप आगर अलवर कार्यालय पहुंचे। परिवादी ने उन्हें दस्तावेज उपलब्ध कराए। शिकायत में आरोप है कि कंपनी अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच के बाद रकम ब्याज सहित वापस दिलाने और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया, लेकिन परिवादी को रकम वापस नहीं मिली। इसके बाद परिवादी ने कोर्ट के जरिये इस्तगासे के कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।