नगर निगम अलवर के पहले मेयर का चुनाव लड़ने के लिए जमा हुए तीनों नामांकन जांच में सही मिल हैं। बीजेपी से वार्ड 7 से पार्षद सुमनलता अग्रवाल प्रत्याशी है। वहीं कांग्रेस ने वार्ड 39 की पार्षद कमलेश शर्मा को अपना प्रत्याशी माना है। तीसरा नाम वार्ड 36 से पार्षद का चुनाव हारने वाले रिंकल गर्ग हैं, जिन्होंने हाइब्रीड के रूप में नामांकन जमा कराया। हालांकि माना ये जा रहा है कि उनका नामांकन शुक्रवार को वापस हो सकता है। ऐसे में अब बीजेपी की प्रत्याशी समुनलता अग्रवाल व कांग्रेस की प्रत्याशी कमलेश शर्मा के बीच मुकाला मुकाबला है। सोशल मीडिया पर कमलेश शर्मा का नाम प्रचारित कांग्रेस पार्टी ने वार्ड 39 से चुनाव जीतकर आईं पार्षद कमलेश शर्मा को मेयर पद के लिए अपना प्रत्याशी बनाया है। सोशल प्लेटफॉर्म पर कांग्रेस नेता उनका नाम ही आगे प्रचारित करने लगे हैं। पूर्व जिलाध्यक्ष योगेश मिश्रा की पत्नी कमलेश शर्मा के पक्ष में पूरी कांग्रेस एकजुट होकर निर्दलीयों को साधने में जुटी है। तीसरे प्रत्याशी की नाम वापसी की संभावना मेयर चुनाव में तीसरा नामांकन वार्ड 36 से चुनाव हारने वाली रिंकल गर्ग ने हाइब्रिड (निर्दलीय) प्रत्याशी के रूप में दाखिल किया था। जांच में उनका नामांकन पत्र सही पाया गया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं के अनुसार वे शुक्रवार को अपना पर्चा वापस ले सकती हैं। यदि रिंकल गर्ग अपना नाम वापस लेती हैं, तो चुनाव मैदान में केवल दो ही बड़े चेहरे आमने-सामने होंगे। निगम में सियासी समीकरण और सीधी जंग बोर्ड बनाने के लिए 33 का जादुई आंकड़ा जरूरी 65 वार्डों वाले नगर निगम में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत हासिल नहीं हुआ है। भाजपा के पास 28 और कांग्रेस के पास 23 सीटें हैं, जबकि 13 वार्डों में निर्दलीय और 1 सीट पर बसपा ने जीत दर्ज की है। ऐसे में मेयर की कुर्सी पर वही काबिज होगा, जो 33 पार्षदों का समर्थन हासिल कर पाएगा। दोनों ही प्रमुख दलों ने क्रॉस वोटिंग की आशंका को देखते हुए अपने-अपने पार्षदों की बाड़ेबंदी कर रखी है।