भीलवाड़ा में विजयादशमी के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 साल पूरे होने पर 8KM का पथ संचलन किया गया। इसमें स्वयंसेवकों का अनुशासन और कदमताल देखने को मिला। आयोजन का मुख्य आकर्षण रेलवे स्टेशन स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर सर्कल पर तीन अलग-अलग संचलनों का मिलना और इसके बाद बनी 2.1 किलोमीटर लंबी स्वयंसेवकों की रिंग रही। अंबेडकर सर्कल पर हुआ त्रिवेणी संगम भीलवाड़ा महानगर में कृषि उपज मंडी, हरिशेवा धाम और राजेंद्र मार्ग से तीन अलग-अलग पथ संचलन एक ही समय पर रवाना हुए। ये निर्धारित मार्गों से होते हुए सुबह 10 बजकर 21 मिनट पर रेलवे स्टेशन स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर चौराहे पर पहुंचे। यहां तीनों संचलनों का मिलन हुआ, जिसे त्रिवेणी संगम नाम दिया गया। इसके बाद संयुक्त संचलन गोल प्याऊ चौराहे तक पहुंचा। यहां तीनों संचलन फिर से अलग-अलग होकर अपने निर्धारित मार्गों पर आगे बढ़े। भीमगंज थाने से महात्मा गांधी अस्पताल के मुख्य गेट के बीच तीनों संचलन एक-दूसरे के पीछे जुड़ते गए। इससे संचलन ने काफी बड़ा रूप ले लिया। स्वयंसेवकों की एक साथ कदमताल और अनुशासन ने शहरवासियों का ध्यान अपनी ओर खींचा। 2.1 किमी लंबी रिंग बनी संचलन 1 भीमगंज थाने से सर्राफा बाजार, बड़ा मंदिर, धानमंडी, शहीद चौक, सांगानेरी गेट स्थित झलकारी देवी चौराहा, माली समाज नोहरा, नेहरू रोड और माणिक्य नगर होते हुए वापस भीमगंज थाने की ओर बढ़ा। जबकि संचलन 2 और 3 भीमगंज थाने से उसी मार्ग पर प्रवेश करते दिखाई दिए। इस तरह पूरे मार्ग पर स्वयंसेवकों की करीब 2.1 किलोमीटर लंबी लगातार चलती रिंग बनी। फूल बरसाकर किया स्वागत, जयकारे लगाए पथ संचलन के दौरान शहर के प्रमुख मार्गों पर बड़ी संख्या में लोग जुटे। करीब दो घंटे से ज्यादा समय तक संचलन के कारण मुख्य मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा। जगह-जगह शहरवासियों ने फूल बरसाकर स्वयंसेवकों का स्वागत किया और भारत माता की जय, जय शिवाजी और महाराणा प्रताप के जयकारे लगाए। पूरे आयोजन के दौरान शहर में देशभक्ति का माहौल नजर आया। यहां देखिए पथ संचलन की तस्वीरें…