अलवर नगर निगम चुनाव में इस बार वार्डों के स्थानीय मुद्दे चुनावी चर्चा के केंद्र में हैं। पानी, सफाई, नालियों की बदहाली और सड़कों जैसे मुद्दों को लेकर मतदाता खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। अलवर शहर के चार वार्ड 21, 24, 26 और 32 के लोगों ने अपनी समस्याएं बताईं। ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि कई मतदाता इस बार पार्टी से ज्यादा प्रत्याशी और उसके काम को देखकर वोट देने की बात कह रहे हैं। कुछ वार्डों में नए चेहरों और निर्दलीय प्रत्याशियों को लेकर भी माहौल बनता नजर आ रहा है। मतदाताओं ने कहा- हर चुनाव में नेता कुछ दिनों के लिए वादे करते हैं। चुनाव के बाद लोगों की सुनवाई नहीं होती। वार्ड 24: पानी-सफाई की समस्या पर जताई नाराजगी वार्ड 24 में भाजपा के पूर्व पार्षद लोचन यादव की पत्नी पुष्पा चुनावी मैदान में हैं। वहीं कांग्रेस से श्वेता शेखावत प्रत्याशी हैं। यहां सड़क किनारे कचरे में गायें मुंह मारती नजर आ रही हैं। कॉलोनी की केसर देवी ने कहा- नालियां समय पर साफ नहीं होतीं और पानी भी नियमित नहीं आता। टैंकर मंगवाकर पानी की जरूरत पूरी करनी पड़ती है। उन्होंने कहा- इस बार पार्टी नहीं, नया चेहरा देखकर वोट देने का मन है। नई वोटर भारती सैनी ने भी कहा- जो वार्ड का विकास करवाएगा, वोट उसी को मिलेगा। यहां त्रिकोणीय मुकाबले के आसार नजर आ रहे हैं। वार्ड 32: 15 साल से समस्याओं की शिकायत वार्ड 32 में अनूप शेखावत ने कहा- मेरे यहां रहते 15 साल हो गए, लेकिन हर चुनाव में नेता कुछ वादे करते हैं। चुनाव के बाद लोगों की सुनवाई नहीं होती। उनका आरोप है कि बजट पास होने के बावजूद वार्ड में काम दिखाई नहीं देता। महेंद्र सिंह ने कहा- इस बार ईमानदार और नए चेहरे को वोट देने का मन है। इस वार्ड में छह प्रत्याशी मैदान में हैं। पूर्व पार्षद धीरज जैन के नगर निगम के ठेकेदार रहने का भी स्थानीय लोग जिक्र कर रहे हैं और सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं। निर्दलीय रविराज चौहान दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों को चुनौती दे रहे हैं। वार्ड 21: निर्दलीय को मौका देने की चर्चा वार्ड 21 में भाजपा से किरण नागर और कांग्रेस से मनीषा गुप्ता चुनाव मैदान में हैं। मनोज कुमार ने कहा- पूर्व पार्षद बीनू गुप्ता सभापति भी रही थीं, लेकिन रिश्वत लेते ट्रैप होने की घटना के बाद लोग इस बार अलग सोच रहे हैं। उन्होंने कहा- इस बार किसी पार्टी के बजाय ईमानदार निर्दलीय प्रत्याशी को जिताने का मन है। ऐसे में यहां भी मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना जताई जा रही है। वार्ड 26- पानी की समस्या बड़ा मुद्दा वार्ड 26 में भाजपा से किरण बैरवा और कांग्रेस से भानुप्रताप आमने-सामने हैं। भूपेंद्र सिंह नरूका ने कहा- पहले के पार्षद चुनाव के समय वोट मांगने आए, लेकिन बाद में वार्ड में दिखाई नहीं दिए। उन्होंने श्मशान में पंखा तक नहीं होने और सड़कें तोड़कर दोबारा नहीं बनाने की समस्या बताई। वहीं जीतू ने कहा- वार्ड में पानी की समस्या इतनी गंभीर है कि लोगों को रात 2 बजे उठकर पानी भरना पड़ता है। हालांकि यहां भाजपा-कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। ग्राउंड रिपोर्ट का संकेत यही है कि इस बार वार्डों में पार्टी से ज्यादा स्थानीय समस्याएं और प्रत्याशी की छवि मतदाताओं के फैसले को प्रभावित कर सकती है।