अलवर नगर निगम के मेयर पद के चुनाव के लिए आज कुल 3 नामांकन भरे गए। बीजेपी ने वार्ड 7 से पार्षद सुमनलता अग्रवाल और कांग्रेस ने वार्ड 39 की पार्षद कमलेश शर्मा को अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं एक निर्दलीय नामांकन वार्ड 36 से चुनाव हारीं रिंकल गर्ग ने भरा है। बीजेपी से सुमनलता अग्रवाल और कांग्रेस से कमलेश शर्मा मेयर उम्मीदवार: बीजेपी प्रत्याशी सुमनलता अग्रवाल पूर्व नगर परिषद सभापति अजय अग्रवाल की पत्नी हैं। मेयर पद का नामांकन-पत्र भरने से पहले उन्होंने पार्षद पद की शपथ ली। इस दौरान वन मंत्री संजय शर्मा, जिला अध्यक्ष अशोक गुप्ता, बीजेपी चुनाव प्रभारी रामचरण बोहरा समेत पार्टी के नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस प्रत्याशी कमलेश शर्मा पूर्व जिला अध्यक्ष योगेश मिश्रा की पत्नी है। नामांकन भरने के दौरान कांग्रेस के निर्वाचित पार्षद, पार्टी कार्यकर्ता और जिला अध्यक्ष प्रकाश गंगावत उनके साथ मौजूद रहे। कांग्रेस से चुनाव हारीं,अब निर्दलीय भरा पर्चा: कांग्रेस की ओर से वार्ड 36 से चुनाव हारीं रिंकल गर्ग ने भी मेयर के लिए निर्दलीय नामांकन किया है। रिंकल गर्ग ने मेयर पद के लिए अपनी दावेदारी पेश करते हुए नामांकन फॉर्म जमा कराया है। बीजेपी-कांग्रेस मेयर पद की उम्मीदवारों की प्रोफाइल पिछली बार क्रॉस वोटिंग से हारी थी बीजेपी साल 2019 में बीजेपी प्रत्याशी अलवर नगर परिषद का सभापति बनने से रह गया था। तब बीजेपी की 27 सीट थी और कांग्रेस की केवल 19 सीट थी। इसके बावजूद कांग्रेस ने सभापति की कुर्सी हथिया ली थी। इस बार ज्यादा फर्क नहीं है। बीजेपी की एक सीट बढ़ी है। वहीं कांग्रेस 19 से 23 पर आ गई है, लेकिन इस बार निर्दलीय पार्षद बीजेपी के पाले में हैं। इसलिए उनका बोर्ड बनने की संभावना अधिक है। पिछली बार कांग्रेस की सरकार थी। जानकार मानते हैं कि जिसकी प्रदेश में सरकार होती है, निर्दलीय उनके दबदबे में रहते हैं। दो मंत्री व नेता प्रतिपक्ष बना रहे रणनीति अलवर में एक ही नगर निगम है। यही सबसे बड़ा निकाय चुनाव रहा है। यहां से बीजेपी से शहर विधायक व वन राज्य मंत्री संजय शर्मा और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की रणनीति है। वहीं कांग्रेस के राजस्थान के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली व पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह की रणनीति है। लाइव अपडेट के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए