जयपुर में आमेर के मावठा सरोवर में मंगलवार रात एक युवक शंकर (40) ने छलांग लगाकर सुसाइड कर लिया। सूचना पर आमेर थाना पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची। युवक को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन किया। सिविल डिफेंस की टीम को रात के अंधेरे के चलते रेस्क्यू और सर्च ऑपरेशन में परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में मावठा में बोटिंग कराने वाली टीम के गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद युवक को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई। आमेर थानाधिकारी राजेंद्र गोदारा ने बताया- प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि शंकर सेन शराब का आदी था। बताया जा रहा है कि वह मानसिक अवसाद में भी चल रहा था। उसकी पत्नी की कुछ समय पहले मौत हो चुकी थी, जबकि माता-पिता भी नहीं थे। वह घर में अकेला रहता था। मंगलवार रात उसने आमेर मावठा सरोवर में छलांग लगा दी। पुलिस के अनुसार युवक ने सुसाइड क्यों किया, इसके कारणों का पता जांच के बाद ही चलेगा। मृतक का शव एसएमएस हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाया। अंधेरे में चुनौतीपूर्ण रहा सर्च ऑपरेशन घटना की सूचना मिलते ही आमेर थाना पुलिस के साथ सिविल डिफेंस की टीम मावठा सरोवर पहुंची। रात होने के कारण पानी के अंदर युवक की तलाश करने में काफी परेशानी हुई। टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन काफी देर तक युवक का पता नहीं चल सका। इसके बाद बोटिंग टीम के गोताखोरों ने पानी में तलाश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद युवक को बाहर निकाला गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। घटना के बाद मौके पर जुटी भीड़ युवक के सरोवर में कूदने की जानकारी फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस ने लोगों को घटनास्थल से दूर किया और रेस्क्यू ऑपरेशन में सहयोग किया। पुलिस ने मृतक के परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी जुटाई। हजारों पर्यटक पहुंचते हैं मावठा सरोवर मावठा सरोवर आमेर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। आमेर किला देखने आने वाले बड़ी संख्या में पर्यटक सरोवर के आसपास पहुंचते हैं। ऐसे में युवक की मौत के बाद स्थानीय लोगों ने यहां सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि रात के समय सरोवर के आसपास निगरानी, बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और आपातकालीन रेस्क्यू व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की जरूरत है। पहले भी हो चुके हैं हादसे मावठा सरोवर में इससे पहले भी डूबने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। करीब छह साल पहले बच्ची की डूबने से मौत के बाद भी सरोवर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे। अब एक बार फिर युवक की डूबने से मौत के बाद स्थानीय लोगों ने जल क्षेत्र में सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग की है।