उदयपुर फाइल्स (भाजपा नेत्री संग कथित कुछ नेताओं के आपत्तिजनक वीडियो) मामले में आरोपी अधिवक्ता विशाल गुर्जर को मंगलवार को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। वह 7 माह से जेल में है। कोर्ट ने माना कि पीड़िता के बयान में बाद में जबरन वसूली का अपराध जोड़ा गया। आरोपी के मोबाइल व मेमोरी कार्ड से महिला का बताया अश्लील वीडियो बरामद नहीं हुआ। बल्कि आरोपी के ऑफिस के स्पाई कैमरे से रिकॉर्ड कुछ वीडियो मिले हैं। इनमें पीड़िता किसी तीसरे व्यक्ति के साथ अंतरंग स्थिति में दिख रही थी। अब सवाल यह है कि यह तीसरा कौन है? नागरवाड़ी निवासी आरोपी विशाल की जमानत अर्जी पर हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान उसके अधिवक्ता ने तर्क दिया कि शिकायतकर्ता ने प्रारंभिक बयान में जबरन वसूली के आरोप नहीं लगाए थे। बाद में 19 मार्च को पूरक बयान में जबरन वसूली के आरोप लगाए। यह साजिश है। शिकायतकर्ता के आरोप के अनुसार मोबाइल और मेमोरी कार्ड से कोई भी आपत्तिजनक वीडियो नहीं मिला। विशाल के ऑफिस में लगे स्पाई कैमरे से रिकॉर्ड कुछ वीडियो में शिकायतकर्ता किसी तीसरे व्यक्ति के साथ अंतरंग होते देखी गई। बचाव पक्ष ने कहा कि चार्जशीट पेश हो चुकी और मुकदमे के निस्तारण में समय लगने की संभावना है। ऐसे में उसे जमानत दी जाए। पूरक बयान के बाद जबरन वसूली का अपराध जोड़ा गया हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनी। फिर मामले की परिस्थितियों और आरोपों की प्रकृति पर विचार करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष के मामले में सुधार किया गया है। शिकायतकर्ता के पूरक बयान के बाद जबरन वसूली का अपराध जोड़ा गया। मोबाइल फोन और स्पाई कैमरे के मेमोरी कार्ड से शिकायतकर्ता के आरोप के अनुसार अश्लील वीडियो बरामद नहीं हुआ। बरामद ऐसे वीडियो थे, जिनमें शिकायतकर्ता किसी तीसरे व्यक्ति के साथ अंतरंग दिखाई दे रही थी। इसके अलावा चार्जशीट पेश हो चुकी है और आरोपी लंबे समय से जेल में है। ऐसे में कोर्ट ने विशाल गुर्जर को 50 हजार रुपए के मुचलके और 25-25 हजार रुपए की दो जमानतें देने पर जमानत देने के आदेश दिए। टिप्पणियां जमानत के लिए, फैसले पर असर नहीं पड़ेगा हाईकोर्ट ने साफ किया है कि जमानत देते समय की गई टिप्पणियां केवल जमानत तय करने के लिए हैं। इनका केस की आगे होने वाली सुनवाई या अंतिम फैसले पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यानी कोर्ट ने आरोपी को बरी नहीं किया है, बल्कि ट्रायल चलने के दौरान जमानत दी है। नशीला पदार्थ पिलाकर अश्लील वीडियो बनाने का लगाया था आरोप भाजपा नेत्री ने गत 11 फरवरी को विशाल के खिलाफ भूपालपुरा थाने में रिपोर्ट दी थी। आरोप था कि विशाल ने उसे कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाकर अश्लील वीडियो बनाए और वायरल करने की धमकी देकर चुप रहने को मजबूर किया। फिर एआई से भाजपा नेताओं के साथ आपत्तिजनक वीडियो तैयार कर उन्हें परिचितों में फैलाने की धमकी दी। रात 10 बजे रिपोर्ट दर्ज होने के 5 घंटे बाद तड़के 3 बजे पुलिस ने आरोपी अधिवक्ता को उसके घर से उठा लिया था। दूसरी ओर, विशाल के खिलाफ भूपालपुरा थाने में ही पारिवारिक कोर्ट के केस का निपटारा करने के लिए 8.75 लाख रुपए लेकर हड़पने का केस दर्ज था। इस मामले में उसे हाईकोर्ट से गत 14 अगस्त को जमानत मिली थी।