वार्ड नंबर 1 के तीनों बूथों पर ईवीएम के बैलेट यूनिट में उम्मीदवारों के नाम और चुनाव चिन्ह का प्रिंट धुंधला होने से मतदाताओं को परेशानी हुई। एक उम्मीदवार ने इस बारे में शिकायत करते हुए एतराज भी जताया। राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने स्पष्ट दिखने वाला और गहरा प्रिंट नहीं लगाया। इस पर उम्मीदवार ने नाराजगी जाहिर करते हुए अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप भी लगाया। निर्दलीय उम्मीदवार बंटी के अनुसार आयोग ने उसे चप्पलों की जोड़ी चुनाव चिन्ह आवंटित किया है। शुक्रवार सुबह मतदान शुरू होने से पहले मॉकपोल के दौरान उनके पोलिंग एजेंट्स ने बताया कि उम्मीदवारों का नाम और चुनाव चिन्ह स्पष्ट प्रिंट नहीं है। धुंधला है। उनकी चप्पलों की जोड़ी चुनाव चिन्ह स्पष्ट रूप से दिख नहीं रहा, वह छतरी जैसा प्रतीत हो रहा है। बंटी के अनुसार उसने शिकायत की तो एसडीएम मौके पर पहुंचे लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। आरोप है कि अधिकारियों ने उन्हें कहा कि उसने मॉकपोल के दौरान इसकी ​िशकायत करनी थी। अब शिकायत की तो उनका नामांकन रद्द कर दिया जाएगा। पार्टी उम्मीदवारों का नाम सबसे उपर था, इससे उन्हें मतदाताओं का समझाने में परेशानी नहीं हुई। निर्दलीयों का नाम बाद में था, इससे उन्हें मतदाताओं को बटन समझाने में दिक्कत आई। दावे के विपरीत हकीकत यह कि सुबह 7 बजे ही कंट्रोल रूम को सूचना थी: दोपहर 12:49 बजे वार्ड नंबर 1 के पोलिंग स्टेशन एसजीएन खालसा सीनियर सेकंडरी स्कूल में नगरपरिषद चुनाव के निर्वाचन अधिकारी एवं जिला परिषद के सीईओ अभिषेक जैन व एसडीएम नयन गौतम व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे। प्रत्याशी बंटी ने दोनों अ​िधकारियों से भी मौखिक शिकायत की। इस संबंध में आरओ से पूछे जाने पर जवाब था कि अभी तक किसी की ओर से शिकायत नहीं मिली। शिकायत मिलेगी तो सुधार करवा दिया जाएगा। कलेक्ट्रेट स्थित नगरपरिषद चुनाव कंट्रोल रूम में पहली शिकायत चुनाव चुनाव चिन्ह स्पष्ट नहीं होने से संबंधित थी। ये शिकायत सुबह 7 बजे ही मिल गई थी। ईवीएम तैयार करते समय ध्यान नहीं दिया, सील्ड होने से बदलाव संभव नहीं: चुनाव की व्यवस्थाओं से जुड़े प्रशासनिक अमले के अनुसार ईवीएम तैयार करने के बाद जिम्मेदारों ने री चेकिंग नहीं की। बैलेट यूनिट प्रत्याशी के नाम और चुनाव चिन्ह का ​प्रिंट लगाने के बाद सील्ड कर दी थी। इसे दोबारा खोलना छेड़छाड़ की श्रेणी में आता है। मॉकपोल से पहले ये गलती पकड़ ली जाती तो बदलाव संभव था।