बांसवाड़ा में लंबे इंतजार के बाद मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। शुक्रवार सुबह से ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला नजर आया। सुबह से कभी रिमझिम तो कभी तेज बारिश का दौर जारी रहने से शहर से लेकर गांवों तक सड़कें और रास्ते पानी से तरबतर हो गए। इस झमाझम बारिश ने एक तरफ जहां गर्मी और उमस से राहत दिलाई है, वहीं किसानों के चेहरे पर भी खुशी लौटा दी है। ​किसानों के लिए वरदान बनी बारिश ​लंबे समय से बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे अन्नदाताओं के लिए यह मानसूनी बौछारें किसी वरदान से कम नहीं हैं। खेतों में खड़ी फसलों के लिए इस पानी को बेहद उपयोगी माना जा रहा है। बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे मौसम बेहद सुहाना हो गया है। ​मक्के और सोयाबीन किसानों की बढ़ी धड़कनें ​जहां एक ओर यह बारिश अधिकांश फसलों के लिए जीवनदायी साबित हो रही है, वहीं कुछ किसानों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। जिन किसानों की मक्के और सोयाबीन की फसलें पककर तैयार होने की कगार पर हैं, वे इस बेमौसम या तेज बारिश को लेकर आशंकित नजर आ रहे हैं। किसानों को डर है कि यदि आगे भी इसी तरह मूसलाधार दौर जारी रहा, तो उनकी लगभग तैयार फसल को नुकसान पहुंच सकता है। ​बीते 24 घण्टो में 11 MM बारिश, दो दिन का अलर्ट मौसम वैज्ञानिक महिपाल सिंह चौधरी के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान बांसवाड़ा जिले में कुल 11 MM वर्षा वर्षा दर्ज की गई है। और अगले दो दिनों तक जिले में हल्की से मध्यम बारिश जारी हो सकती हैं।