बांसवाड़ा जिले की एक नगरपरिषद और दो नगरपालिकाओं में अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। नामांकन वापसी का समय समाप्त होने के बाद अब तस्वीर पूरी तरह साफ हो चुकी है। 16 सितंबर को दाखिल किए गए सभी नामांकन यथावत हैं, जिसके चलते बांसवाड़ा नगरपरिषद और कुशलगढ़ व गढ़ी-परतापुर नगरपालिकाओं में भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवार सीधे मुकाबले में आमने-सामने हैं। नगर परिषद में भाजपा बोर्ड बनना लगभग तय 60 वार्डों वाली बांसवाड़ा नगर परिषद में भाजपा के पास पूर्ण बहुमत है। यहां भाजपा के पास 34 सीटें हैं। जबकि कांग्रेस के पास 22 सीटें हैं और 4 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे हैं। भाजपा की ओर से सभापति के लिए वार्ड 9 से चुनाव जीते मुकेश रावत ने आवेदन किया है, वहीं कांग्रेस की ओर से वार्ड 17 से जीत दर्ज करने वाले गौतम मईड़ा मैदान में हैं। बांसवाड़ा में भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत होने के कारण यहां पार्टी का बोर्ड बनना लगभग तय माना जा रहा है। कुशलगढ़ नगर पालिका में निर्दलीय तय करेगा जीत कुशलगढ़ नगरपालिका में मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया है। यहां कुल 20 वार्ड हैं, जिसमें 10 पर भाजपा, 9 पर कांग्रेस और 1 सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत हासिल की है। भाजपा की तरफ से हितेश पडियार और कांग्रेस की तरफ से सुशीला प्रजापत ने नगर पालिका अध्यक्ष उम्मीदवार के लिए अपने नामांकन फॉर्म जमा किए हैं। बहुमत के जादुई आंकड़े से एक कदम दूर खड़ी दोनों पार्टियों के बीच यहां कड़ा मुकाबला है और अब एकमात्र निर्दलीय उम्मीदवार ही अध्यक्ष की कुर्सी तय करेगा। गढ़ी-परतापुर नगरपालिका में कांटे की टक्कर गढ़ी-परतापुर नगरपालिका में भी चुनावी मुकाबला दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। 25 सदस्यीय इस नगरपालिका में कांग्रेस के 12 पार्षद जीते हैं, जबकि भाजपा के पास 11 पार्षद हैं। भाजपा के सुनील आचार्य व कांग्रेस की ओर से सुदीप पंचोरी मैदान में हैं। संख्या बल के आधार पर यहां कांग्रेस थोड़ी मजबूत स्थिति में है, लेकिन अध्यक्ष पद कौन बनेगा, यह आखिरकार निर्दलीय पार्षदों के रुख पर ही निर्भर करेगा।