बारां नगरपरिषद में कांग्रेस ने सत्ता पक्ष पर पार्षदों को तोड़ने का आरोप लगाया है। इस मामले में जिला कांग्रेस कमेटी ने एसपी को राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन का गलत इस्तेमाल कर कांग्रेस और कांग्रेस समर्थित पार्षदों व उनके परिवार वालों पर भाजपा में शामिल होने का दबाव बनाया जा रहा है। जिलाध्यक्ष हंसराज मीणा की अगुवाई में कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल एसपी कार्यालय पहुंचा और ज्ञापन दिया। जिला संगठन महामंत्री कैलाश जैन ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशों पर यह ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि भाजपा सरकार अपने राजनीतिक फायदे के लिए सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल कर रही है। यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। सरकारी तंत्र का राजनीतिक इस्तेमाल रोकने की मांग कांग्रेस ने मांग की है कि कांग्रेस और समर्थित पार्षदों के साथ-साथ उनके परिवार वालों पर किसी भी तरह का गलत दबाव या उत्पीड़न तुरंत बंद किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस कार्रवाई में कानूनी प्रक्रिया और निष्पक्षता का पालन होना चाहिए। साथ ही, सरकारी तंत्र का राजनीतिक गलत इस्तेमाल रोका जाए। जिला कांग्रेस ने मांग की है कि चुने हुए जनप्रतिनिधियों के अधिकारों और स्वतंत्र चुनावी प्रक्रिया की रक्षा की जाए। पुलिस-प्रशासन के गलत इस्तेमाल की शिकायतों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। एसपी से यह भी मांग की गई है कि वे इस मामले पर तुरंत ध्यान दें और जरूरी निर्देश जारी करें। इस दौरान पूर्व विधायक पानाचंद मेघवाल, पूर्व विधायक निर्मला सहरिया, वरिष्ठ नेता घनश्याम नागर, ब्लॉक अध्यक्ष अजीज नाज, सेवादल प्रदेश महासचिव अशरफ देशवाली, नगर अध्यक्ष ललित गालव, लालसिंह मारन, पार्षद मुर्तजा अंसारी और अरविन्द गालव समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।