बारां जिला मुख्यालय पर भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसानों ने कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन कर अपनी विभिन्न मांगें उठाईं। किसानों ने किसान सम्मान निधि को 6 हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपए सालाना करने, कृषि यंत्रों व बीज पर सब्सिडी बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने और खरीफ फसलों की एमएसपी पर खरीद के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू करने की मांग की। प्रदर्शन के बाद किसानों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे किसान भारतीय किसान संघ राजस्थान प्रदेश, चित्तौड़ प्रांत और जिला बारां इकाई के आह्वान पर बड़ी संख्या में किसान कलेक्ट्रेट परिसर में जमा हुए। यहां किसानों ने धरना दिया। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है, जिससे किसानों में नाराजगी है। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले किए गए वादों को भी पूरा नहीं किया जा रहा है। किसान सम्मान निधि बढ़ाने की मांग किसान संघ ने ज्ञापन में मांग की कि चुनावी घोषणा के अनुसार किसान सम्मान निधि की राशि 6 हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपए सालाना की जाए। इसके साथ ही कृषि यंत्रों और बीज पर मिलने वाली सब्सिडी बढ़ाने तथा किसानों को अच्छी गुणवत्ता के बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने की मांग की गई। सिंचाई से वंचित जमीनों को रामसेतु लिंक परियोजना से जोड़ने की मांग जिले में सिंचाई की समस्या को लेकर किसानों ने कहा कि नाहरगढ़, केलवाड़ा, किशनगंज, शाहाबाद और छबड़ा इलाके की जिन जमीनों को सिंचाई का पानी नहीं मिल रहा है, उन्हें रामसेतु लिंक परियोजना से जोड़ा जाए। वर्णी-दुबराज परियोजना की डीपीआर बनाने की मांग किसानों ने नाहरगढ़ क्षेत्र की कई सालों से अटकी वर्णी-दुबराज लघु सिंचाई परियोजना की डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर राज्य और केंद्र सरकार को भेजने की मांग की। इसके लिए 30 करोड़ रुपए का बजट मंजूर करने की मांग भी रखी गई। वहीं, लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं से खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए पक्के चैनल (धोरे) बनाने की मांग की गई। खाद की कमी दूर करने और एमएसपी खरीद शुरू करने की मांग किसानों ने सब्सिडी वाले खाद की पूरी सप्लाई सुनिश्चित कर इसकी कमी खत्म करने की मांग की। साथ ही सोयाबीन, मूंग, उड़द और मक्का जैसी खरीफ फसलों की एमएसपी पर खरीद के लिए तुरंत रजिस्ट्रेशन शुरू करने को कहा। मांगें नहीं मानी तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी किसान नेताओं ने कहा कि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार से चुनावी वादों को पूरा करने और कृषि से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग रखी।