बारां नगरपरिषद में सभापति पद के चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (आप) की डमी उम्मीदवार चंद्रकला सुमन ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। उनके नाम वापस लेने के बाद अब चुनावी मैदान में तीन उम्मीदवार बचे हैं। अब आप से शीतल राठौर, कांग्रेस से मीनाक्षी भारद्वाज और भाजपा से निलेश जैन के बीच सीधा त्रिकोणीय मुकाबला होगा। बारां नगरपरिषद के 60 वार्डों में आप के पास 31, कांग्रेस के पास 18, भाजपा के पास 9 और निर्दलीय 2 पार्षद हैं। आंकड़ों के हिसाब से आम आदमी पार्टी के पास स्पष्ट बहुमत है। 60 में से 31 पार्षद होने के कारण आप का सभापति बनना तय माना जा रहा था। हालांकि, संख्या बल आप के पक्ष में होने के बावजूद सभी दलों में क्रॉस वोटिंग को लेकर बेचैनी है। नगर परिषद चुनावों में अक्सर देखा गया है कि पार्षद पार्टी लाइन से हटकर वोट कर देते हैं। इसी डर से सभी पार्टियों ने अपने-अपने पार्षदों की बाड़ाबंदी शुरू कर दी है। कांग्रेस और भाजपा निर्दलीय और बागी पार्षदों पर नजर रखे हुए हैं। वहीं, आप अपने 31 पार्षदों को एकजुट रखने की कोशिश में है। चंद्रकला सुमन के नामांकन वापस लेने के पीछे सियासी सहमति और क्रॉस वोटिंग से बचने की रणनीति मानी जा रही है। अब देखना होगा कि आप 31 पार्षदों का जादुई आंकड़ा बचा पाती है या बारां की सियासत में कोई नया खेल होता है।