बारां के केलवाड़ा थाना क्षेत्र में गुरुवार देर शाम मूसलाधार बारिश के दौरान बड़ा हादसा टल गया। सिलोरी धाम से दर्शन कर लौट रहे उत्तराखंड के दो संतों की कार बरसाती नाले की रपट पर तेज बहाव में बह गई। दोनों संत कार के अंदर फंस गए। सूचना पर पहुंची पुलिस और ग्रामीणों ने करीब तीन घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। तेज बहाव में पुलिया से नीचे गिरी कार पुलिस के मुताबिक उत्तराखंड निवासी संत बालका देवाचार्य और उनके सहयोगी गंगोत्री निवासी राहुज केलवाड़ा के पास स्थित सिलोरी धाम दर्शन करने आए थे। गुरुवार शाम करीब सवा 7 बजे दोनों कार से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान नाले की रपट पर पानी का तेज बहाव था। कार बेकाबू होकर पुलिया से नीचे गिर गई और पानी के बहाव में काफी दूर तक बह गई। दोनों संत कार के अंदर ही फंस गए। अंधेरे में टॉर्च-रस्सियों से रेस्क्यू घटना की सूचना मिलते ही केलवाड़ा थानाधिकारी नरेंद्र सिंह राजावत पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे। बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मदद के लिए जुट गए। अंधेरा होने के कारण बचाव अभियान में मुश्किलें आईं। पुलिस जवानों ने टॉर्च की रोशनी और रस्सियों की मदद से कार तक पहुंचने का प्रयास शुरू किया। तीन घंटे की मशक्कत के बाद दोनों सुरक्षित पुलिस और ग्रामीणों की करीब तीन घंटे की लगातार कोशिश के बाद रात 10 बजे के बाद दोनों संतों को कार से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। समय रहते चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन से दोनों संतों की जान बच गई।