बाड़मेर जिले के सीमावर्ती रामसर और चाडार मदरूप क्षेत्र में अकाल के हालात और किसानों-पशुपालकों की समस्याओं का जायजा लेने के लिए जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल और एसपी ने गुरुवार शाम ग्रामीणों से बातचीत की। इस दौरान ग्रामीणों ने चारे और पानी की कमी की समस्या बताई। कलेक्टर ने भरोसा दिलाया कि प्रभावित क्षेत्रों में चारे और पानी की समुचित व्यवस्था करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि गिरदावरी का काम गंभीरता से किया जा रहा है और फसल का वास्तविक खराबा दर्ज किया जाएगा। चारा डिपो खोलने के लिए सरकार को भेजा प्रस्ताव दरअसल, बीते दिनों मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बाड़मेर के बाछड़ाऊ आए थे। इस दौरान अकाल प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति और पशु शिविर खोलने की घोषणा की गई थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने चारा डिपो खोलने के लिए राजस्थान सरकार को प्रस्ताव भेजे हैं। जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल ने कहा कि अकाल प्रभावित क्षेत्रों में जल्द चारा डिपो शुरू किए जाएंगे। इसके साथ ही कंटीजेंसी प्लान के तहत पानी परिवहन का कार्य भी शुरू किया जा रहा है, ताकि प्रभावित इलाकों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। पशुओं की नियमित स्वास्थ्य जांच के निर्देश जिला कलेक्टर ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को पशुओं की नियमित स्वास्थ्य जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अकाल के दौरान पशुधन की देखभाल और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए। गोशाला का किया निरीक्षण, गिरदावरी की ली जानकारी दौरे के दौरान जिला कलेक्टर ने चाडार मदरूप स्थित गायत्री गौसेवा धाम गौशाला का अवलोकन कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने उपखंड अधिकारी से गिरदावरी, ग्राउंड ट्रूथिंग और फसल खराबे की स्थिति की जानकारी ली। साथ ही किसानों और पशुपालकों से सीधे बातचीत कर चारे और पानी की वास्तविक उपलब्धता के बारे में फीडबैक लिया। इस दौरान उपखंड अधिकारी सुखाराम पिंडेल, विकास अधिकारी विक्रम जांगिड, तहसीलदार तन सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।